A
Hindi News पैसा बिज़नेस Maruti Suzuki India के चेयरमैन ने US टैरिफ को बताया ‘बदमाशी, जानें करारा जवाब देने के लिए और क्या कहा

Maruti Suzuki India के चेयरमैन ने US टैरिफ को बताया ‘बदमाशी, जानें करारा जवाब देने के लिए और क्या कहा

आर. सी. भार्गव के अनुसार, भारत को अमेरिकी टैरिफ नीति का एकजुट होकर जवाब देना चाहिए, साथ ही सरकार की कर सुधार नीतियों से उपभोक्ता और उद्योग दोनों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव।- India TV Paisa Image Source : PTI मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव।

मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50% दंडात्मक टैरिफ को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारत को इस प्रकार की ‘बुलीइंग’ (बदमाशी) का डटकर विरोध करना चाहिए और राष्ट्रीय एकजुटता के साथ इसका मुकाबला करना चाहिए। पीटीआई की खबर के मुताबिक, गुरुवार को कंपनी की 44वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय होने के नाते, यह हमारा दायित्व है कि हम अपने सम्मान और गरिमा को बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय दबाव नीति के आगे न झुकें। इस समय देश को एक साथ खड़ा होने की जरूरत है।

अमेरिकी टैरिफ का व्यापक असर

लागू हुए अमेरिका के 50% टैरिफ का असर भारत के श्रम-प्रधान निर्यात क्षेत्रों पर सीधे तौर पर पड़ने की आशंका है। इनमें झींगा (Shrimp), परिधान (Apparel), हीरे, चमड़ा, फुटवियर और रत्न-आभूषण जैसे उद्योग शामिल हैं। भार्गव ने आगाह किया कि यह कदम निर्यात घटाने और रोजगार अवसरों में कटौती का कारण बन सकता है। टैरिफ अब कूटनीति का हथियार बन चुके हैं।

भार्गव ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है, और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा व्यक्तिगत रूप से टैरिफ के उपयोग को राजनयिक रणनीति के रूप में अपनाया जाना पहले कभी नहीं देखा गया। टैरिफ को अब केवल व्यापार नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का औजार बना दिया गया है। इससे देशों को अपने पारंपरिक संबंधों और नीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ रहा है।

छोटी कारें हो सकती हैं सस्ती

सरकार द्वारा GST ढांचे के पुनर्गठन को लेकर दिए गए प्रस्ताव पर भार्गव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री द्वारा सुझाया गया प्रस्ताव लागू होता है तो छोटी कारों पर जीएसटी दर घटकर 18% तक आ सकती है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आखिरी फैसला की आधिकारिक घोषणा का इंतजार जरूरी है। यह सुखद है कि सरकार ने यह महसूस किया है कि देश में एक बड़ा वर्ग निम्न आय स्तर का है, और छोटी कारें उनके लिए अधिक सुलभ बनाना आवश्यक है।

Latest Business News