राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने बीते दो महीनों में ई-कॉमर्स कंपनियों सहित खुदरा विक्रेताओं से उपभोक्ताओं को 7. 14 करोड़ रुपये का रिफंड दिलाने में मदद की है। शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान में, यह बात कही गई। पीटीआई की खबर के मुताबिक, हेल्पलाइन की सहायता से रिफंड दावों से संबंधित 15,426 उपभोक्ता शिकायतों का समाधान किया गया। ये शिकायतें 30 क्षेत्रों से संबंधित थीं। एनसीएच विभाग की एक प्रमुख पहल है और यह उपभोक्ता शिकायतों को तेजी से और सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने में महत्वपूर्ण प्री-लिटिगेशन भूमिका निभाती है।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे अधिक शिकायतें
खबर के मुताबिक, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन स्तर पर उपभोक्ता शिकायतों के निवारण से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ता आयोगों पर बोझ कम होता है। विभाग ने आगे विस्तार से बताया कि ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे अधिक 8,919 शिकायतें दर्ज की गईं। इसलिए, रिफंड भी इस क्षेत्र में सबसे अधिक 3. 69 करोड़ रुपये रहा। बयान में कहा गया है, 25 अप्रैल से 30 जून, 2025 के बीच 7.14 करोड़ रुपये के रिफंड की सुविधा हेल्पलाइन की प्रभावकारिता और जवाबदेही को दर्शाती है, जो कन्वर्जेंस भागीदारों के विस्तार और मजबूत हितधारक जुड़ाव से प्रेरित है।
जरूरत पर कहां कर सकते हैं शिकायत
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर, उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1915 के माध्यम से 17 भाषाओं में अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। वे एकीकृत शिकायत निवारण तंत्र (INGRAM) के माध्यम से भी शिकायत कर सकते हैं, जो एक सर्व-चैनल, आईटी-सक्षम केंद्रीय पोर्टल है। इस उद्देश्य के लिए कई चैनल उपलब्ध हैं, जिनमें व्हाट्सएप, एसएमएस, ईमेल, एनसीएच ऐप, वेब पोर्टल (consumerhelpline.gov.in) और उमंग ऐप शामिल हैं।
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी एनसीडीआरसी, भारत में एक अर्ध-न्यायिक आयोग है जिसे 1988 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत स्थापित किया गया था। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। न्यायाधिकरण (सेवा की शर्तें) नियम, 2021 के नियम 3(12)(ए) के अनुसार आयोग का नेतृत्व भारत के सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा या रिटायर्ड न्यायाधीश या किसी हाई कोर्ट के एक मौजूदा या रिटायर मुख्य न्यायाधीश द्वारा किया जाता है।
Latest Business News