A
Hindi News पैसा बिज़नेस रिलायंस इंडस्ट्रीज का Q3 में कुल रेवेन्यू 10% उछला, जानें कितना रहा नेट प्रॉफिट, मुकेश अंबानी ने कही ये बात

रिलायंस इंडस्ट्रीज का Q3 में कुल रेवेन्यू 10% उछला, जानें कितना रहा नेट प्रॉफिट, मुकेश अंबानी ने कही ये बात

चालू वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे के मुताबिक, डिजिटल सर्विसेज़ और O2C (ऑयल टू केमिकल) बिजनेस सेगमेंट की मजबूत कमाई ने EBITDA को सपोर्ट किया। हालांकि कंपनी का तेल और गैस सेगमेंट ओवरऑल परफॉर्मेंस पर दबाव डालता रहा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी।- India TV Paisa Image Source : AP रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी।

भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने चालू वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% बढ़कर 2.94 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 2.67 लाख करोड़ रुपये थी। moneycontrol की खबर के मुताबिक, तीसरी तिमाही यानी Q3 में नेट प्रॉफिट में 1.6% की बढ़ोतरी हुई और यह 22,290 करोड़ रुपये रहा। टैक्स से पहले का प्रॉफिट 3.7% बढ़कर 29,697 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 6.1% बढ़कर 50,932 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। डिजिटल सर्विसेज और O2C (ऑयल टू केमिकल) बिज़नेस सेगमेंट की मजबूत कमाई ने EBITDA को सपोर्ट किया।

ऑयल टू केमिकल बिजनेस में बढ़ोतरी

ऑयल टू केमिकल बिजनेस को ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक में तेज बढ़ोतरी का लाभ मिला। इस तिमाही में ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल क्रैक में सालाना आधार पर 62–106% की बढ़त देखी गई। O2C EBITDA पिछले साल की तुलना में 15% बढ़कर 16,507 करोड़ रुपये रहा।

जियो-बीपी फ्यूल रिटेलिंग बिजनेस में ग्रोथ

जियो-बीपी फ्यूल रिटेलिंग बिज़नेस ने भी अपनी ग्रोथ जारी रखी। गैसोलीन और हाई-स्पीड डीज़ल की बिक्री में बढ़ोतरी के चलते फ्यूल वॉल्यूम में 24% की बढ़ोतरी हुई। दिसंबर 2025 तक जियो-बीपी के 2,125 आउटलेट्स चालू थे, जो पिछले साल की तुलना में 14% अधिक हैं।

चेयरमैन मुकेश अंबानी ने क्या कहा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने कहा कि 3Q FY26 में रिलायंस का कंसोलिडेटेड प्रदर्शन सभी बिज़नेस में लगातार वित्तीय डिलीवरी और ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है। O2C बिज़नेस की मजबूती बेहतर डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी के कारण हुई है। जियो-बीपी नेटवर्क के विस्तार के साथ फ्यूल रिटेलिंग बिज़नेस में शानदार ग्रोथ देखने को मिली।

तेल और गैस बिजनेस का प्रदर्शन

कंपनी का तेल और गैस सेगमेंट ओवरऑल परफॉर्मेंस पर दबाव डालता रहा। KGD6 ब्लॉक के रिज़र्वॉयर में नेचुरल गिरावट, कम कीमतें और मेंटेनेंस गतिविधियों के कारण ऑपरेटिंग खर्च बढ़े, जिससे प्रोडक्शन प्रभावित हुआ। इस सेगमेंट का EBITDA 13% घटकर 4,857 करोड़ रुपये, और रेवेन्यू 8.4% घटकर 5,833 करोड़ रुपये रहा।

Latest Business News