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Hindi News पैसा बिज़नेस निर्यात बढ़ाने के लिए ₹45,060 करोड़ खर्च करेगी सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन 2 योजनाओं को दी मंजूरी

निर्यात बढ़ाने के लिए ₹45,060 करोड़ खर्च करेगी सरकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इन 2 योजनाओं को दी मंजूरी

क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार के तहत NCGTC सदस्य वित्तीय संस्थानों को पात्र निर्यातकों और एमएसएमई को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधा देने पर 100 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करेगी।

Export Promotion Mission, epm, export, exporters, credit guarantee scheme, credit guarantee scheme f- India TV Paisa Image Source : AP डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में प्रबंधन समिति का होगा गठन

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अहम फैसले लेते हुए कुल 45,060 करोड़ रुपये मंजूर किए। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25,060 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 6 वर्षीय निर्यात संवर्धन मिशन (EPM) को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही, मंत्रिमंडल ने निर्यातकों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार के लिए 20,000 करोड़ रुपये के आवंटन को भी मंजूरी दे दी। क्रेडिट गारंटी योजना के विस्तार के तहत नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) सदस्य वित्तीय संस्थानों को पात्र निर्यातकों और एमएसएमई को 20,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त ऋण सुविधा देने पर 100 प्रतिशत ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करेगी।

डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में प्रबंधन समिति का होगा गठन

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि ये योजना NCGTC के माध्यम से वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा कार्यान्वित की जाएगी, ताकि एमएसएमई सहित पात्र निर्यातकों को MLI द्वारा अतिरिक्त ऋण सहायता प्रदान की जा सके। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि डीएफएस सचिव की अध्यक्षता में गठित एक प्रबंधन समिति योजना की प्रगति और कार्यान्वयन की देखरेख करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ने और नए एवं उभरते बाजारों में विविधीकरण को समर्थन मिलने की उम्मीद है। 

निर्यात परिवेश को सहयोग प्रदान करेगा निर्यात संवर्धन मिशन

निर्यात संवर्धन मिशन इस वित्त वर्ष से शुरू होगा और अगले 6 वित्त वर्ष के लिए होगा। इस कदम से निर्यातकों को अमेरिका के उच्च शुल्क से निपटने में मदद मिलेगी। इस मिशन को दो उप-योजनाओं- निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा के माध्यम से क्रियान्वित किया जाएगा। निर्यात प्रोत्साहन पर 10,401 करोड़ रुपये का व्यय होगा जबकि निर्यात दिशा पर 14,659 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ये एक व्यापक मिशन है और ये पूरे निर्यात परिवेश को सहयोग प्रदान करेगा। मिशन के तहत, हाल ही में वैश्विक शुल्क वृद्धि से प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिक आधार पर सहायता प्रदान की जाएगी। इन क्षेत्रों में वस्त्र, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान तथा समुद्री उत्पाद शामिल हैं। 

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