वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि आज की उथल-पुथल भरी भू-राजनीति में हर बड़े देश के लिए एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है और इस मामले में भारत बहुत कमजोर है क्योंकि हम अपने 90% तेल और गैस को इंपोर्ट करते हैं। अग्रवाल ने कहा कि भारत तीन तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है, जिसे मुश्किल समय में ब्लॉक किया जा सकता है। हमारे पास अपना घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं है। हम तेल और गैस के लिए दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ बाजार हैं और हमारी डिमांड कम से कम अगले 20 सालों तक बढ़ती रहेगी।
दुनिया नहीं चाहती कि भारत प्रोडक्शन करे
अनिल अग्रवाल ने कहा कि दुनिया चाहती ही नहीं है कि भारत प्रोडक्शन करे, दुनिया चाहती है कि भारत सिर्फ उनके लिए एक बाजार बना रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश में सिर्फ घरेलू प्रोडक्शन से ही नौकरियां पैदा होती हैं, जो दुनिया के दूसरे हिस्सों में साबित हो चुका है। अनिल अग्रवाल ने आगे कहा, ''हमें इसका विरोध करना होगा। हमें आत्मनिर्भर बनने के लिए लड़ना होगा। आखिरकार, ये एक ऐसा देश है जो पहले खाने के लिए इंपोर्ट पर निर्भर था और फिर आत्मनिर्भर बन गया। ये सब इसलिए हुआ क्योंकि सरकार ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक आंदोलन चलाया।''
जमीन के नीचे मौजूद चीजों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत
उन्होंने आगे कहा, ''आज, दुनिया तेजी से अपने एनर्जी और मिनरल रिसोर्स को सुरक्षित कर रही है। भारत को भी जमीन के नीचे मौजूद चीजों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। सरकार ग्रोथ, सहयोग और इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दे रही है। वेदांता में, हमारा लक्ष्य अपने प्रोडक्शन को पांच गुना बढ़ाना है। भारत के लिए, भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रोडक्शन को 10 गुना बढ़ाना होगा। ये आर्थिक विकास और विकसित भारत के विजन को सपोर्ट करेगा। मेरा विजन है कि पूरे देश में हजारों ड्रिलिंग रिग्स काम करते हुए दिखें।''
छोटे उद्यमी भी 5 करोड़ रुपये के निवेश के साथ हो सकते हैं शामिल
वेदांता के चेयरमैन ने कहा कि स्टार्टअप और छोटे उद्यमी भी रिग्स की लीजिंग के जरिए लगभग 5 करोड़ रुपये के निवेश के साथ इसमें हिस्सा ले सकते हैं। हमें सबसे ज्यादा जरूरत एक स्थिर और सहायक माहौल की है। ये भारी रेगुलेशन से एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन के लिए सुविधा देने की ओर बढ़ने का सही समय है ताकि देश एनर्जी आजादी की ओर बढ़ सके। उन्होंने कहा कि भारत को एक लंबा सफर तय करना है लेकिन भारत की क्षमता असाधारण है।
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