यूपी ने पेश किया ₹9,12,696 करोड़ का बजट, औद्योगिक विकास और MSME के लिए क्या-क्या हुए ऐलान
यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रमुख मदों में किए गए आवंटन का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा और चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 और 6 प्रतिशत है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। ये प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किया गया 9,12,696.3 करोड़ रुपये का बजट पिछले बजट की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने बताया कि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के क्रम में वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत रखी गई है, ये वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। यूपी सरकार ने अपने बजट में औद्योगिक विकास और MSME का खास ध्यान रखा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिए 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत ज्यादा है।
- मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नए औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। इस योजना के लिए 2374 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- फॉंरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट और फॉर्च्यून-500 कंपनियों के निवेश के लिए घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट में अब तक 200 डिफेंस इंडस्ट्री की स्थापना के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें 35,280 करोड़ रुपये का निवेश और 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME)
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर की योजनाओं के लिए 3822 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 19 प्रतिशत ज्यादा है।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।
- प्रदेश में MSME उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘‘सरदार वल्लभ भाई पटेल एम्प्लॉयमेंट और इंडस्ट्रियल जोन’’ की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के तहत हर साल 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाया जाएगा।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
- ‘‘एक जनपद एक व्यंजन’’ नाम की नई योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
चिकित्सा व्यवस्थाओं पर खर्च होगा कुल बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा
यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रमुख मदों में किए गए आवंटन का जिक्र करते हुए कहा, '' शिक्षा और चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 और 6 प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि और इससे जुड़ी सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट का 9 प्रतिशत है।'' उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय प्रबंधन और ऋण नियंत्रण के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
