WEF 2026: स्विट्जरलैंड में कल से शुरू हो रही वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की मीटिंग, जानें इंडिया पवेलियन में क्या होगा खास
सोमवार से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की यहां शुरू होने वाली 5 दिनों की मीटिंग के लिए शहर पूरी तरह तैयार है।

स्विट्जरलैंड के दावोस में जिस जगह कभी प्रतिष्ठित 'पियानो बार' हुआ करता था, वहां से अब 'टीम इंडिया' का एक स्पष्ट संदेश इस बर्फीले रिसॉर्ट वाले शहर की गलियों में गूंज रहा है कि 'भारत के साथ पार्टनरशिप करें और भविष्य से जुड़ें'। दावोस के मेन रोड पर स्थित 'इंडिया पवेलियन' के इस संदेश को वहां मौजूद अलग-अलग राज्यों के पवेलियन और इंडस्ट्री के पार्टनर भी पूरी मजबूती के साथ दोहरा रहे हैं। सीआईआई ने भी अपने पवेलियन में कुछ ऐसा ही संदेश दिया है- 'भारतीय उद्योग जगत के भागीदार बनें और एक भरोसेमंद भविष्य का हिस्सा बनें'।
सोमवार से शुरू होने जा रही है 5 दिनों की मीटिंग
सोमवार से वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की यहां शुरू होने वाली 5 दिनों की मीटिंग के लिए शहर पूरी तरह तैयार है। भारत की कई दिग्गज आईटी कंपनियों ने भी अपने पवेलियन और लाउंज सजाए हैं, जिनका साझा विषय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रखा गया है। इन कंपनियों द्वारा लगाए गए चाय और कॉफी स्टॉल के अलावा, यहां एक स्पेशल 'एआई लाउंज' भी बनाया गया है। प्रोमेनाड रोड के दोनों तरफ विप्रो और टीसीएस कंपनियों के लाउंज एक-दूसरे के सामने हैं, जबकि इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा भी उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं।
100 से ज्यादा भारतीय कंपनियों के CEO होंगे शामिल
विप्रो जहां 'एआई और उससे आगे' की बात कर रही है, वहीं टीसीएस का कहना है कि वो अपनी हर सर्विस में एआई को शामिल कर रही है। इस समिट में भारत से 100 से ज्यादा कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) और एक बड़ा सरकारी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्य सरकारों के भी पवेलियन यहां लगे हैं।
भारत के कई केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री भी WEF में लेंगे हिस्सा
अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और के. राममोहन नायडू समेत कई केंद्रीय मंत्रियों के इसमें शामिल होने और द्विपक्षीय बैठकें करने की उम्मीद है। वहीं देवेंद्र फडणवीस, एन. चंद्रबाबू नायडू, मोहन यादव, हेमंत सोरेन और हिमंत विश्व शर्मा जैसे मुख्यमंत्री संभावित निवेशकों के सामने अपने राज्यों की खूबियां पेश करेंगे। दावोस बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं, लेकिन भारत भी दुनिया भर के दिग्गजों में काफी दिलचस्पी पैदा कर रहा है। कुल मिलाकर, डब्ल्यूईएफ की इस वार्षिक बैठक में दुनिया भर के 3000 से ज्यादा दिग्गज शिरकत कर रहे हैं।