AC टेंपरेचर के नए नियमों से क्या बढ़ जाएंगी कीमतें, ग्राहकों के कंफर्ट का क्या? इंडस्ट्री के अधिकारियों से समझिए
सरकार वाहन और घरों में लगे एसी के तापमान को मानकीकृत करने को लेकर उपकरण मैन्यूफैक्चरर्स तथा राज्यों के साथ बातचीत कर रही है। इसके तहत इसे 20 डिग्री से कम नहीं किया जा सकेगा और न ही 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ले जाया जा सकेगा।
एयर-कंडीशनर बनाने वाली कंपनियां सरकार के नए टेंपरेचर नियमों का अनुपालन कुछ महीनों के भीतर करेंगी। इसके लिए ग्राहकों को अतिरिक्त कीमत नहीं चुकानी होगी। एयर कंडीशनर बनाने वाली वोल्टास, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्लू स्टार और हायर जैसी प्रमुख कंपनियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम न केवल ऊर्जा की बचत करके इंडस्ट्री को स्थायी रूप से बढ़ने में मदद करेगा, बल्कि बिजली की खपत को अनुकूलतम बनाएगा। यह गर्मियों में बिजली खपत को कम करेगा और एसी की लाइफ भी बढ़ाएगा।
रिमोट और सेटिंग्स में करना होगा बदलाव
बिजली मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को कहा था कि सरकार वाहन और घरों में लगे एसी के तापमान को मानकीकृत करने को लेकर उपकरण मैन्यूफैक्चरर्स तथा राज्यों के साथ बातचीत कर रही है। इसके तहत इसे 20 डिग्री से कम नहीं किया जा सकेगा और न ही 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ले जाया जा सकेगा। इंडस्ट्री को इसके क्रियान्वयन के लिए रिमोट कंट्रोल और इसके डिजाइन और सेटिंग्स में कुछ मामूली संशोधन करने होंगे और इसके क्रियान्वयन के लिए छह महीने तक का समय चाहिए। वोल्टास के मनोनीत प्रबंध निदेशक मुकुंदन मेनन ने कहा कि कमरे में उपयोग होने वाले एयर कंडीशनर (RAC) के तापमान दायरे को 20 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच मानकीकृत करने का निर्णय, स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल ‘कूलिंग’ की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।
उपकरणों को फिर से डिजाइन करना होगा
उन्होंने कहा, ‘‘यह कदम भारत के व्यापक ऊर्जा दक्षता लक्ष्यों और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) की जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।’’ हालांकि, क्रियान्वयन के लिए मैन्यूफैक्चरर्स को संशोधित तापमान मानकों का अनुपालन करने के लिए उपकरणों को फिर से डिजाइन करना होगा या सॉफ्टवेयर लगाना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने संकेत दिया है कि अनुपालन पर नजर रखी जाएगी, हालांकि इसके लागू होने की समयसीमा की घोषणा अभी बाकी है। वोल्टास में, हम इस बदलाव का समर्थन करने के लिए तैयार हैं और घरों को ठंडा रखने के लिए बेहतर सोल्यूशन देने को कमिटेड हैं।’’
ग्राहकों के कंफर्ट में नहीं आएगी कमी
ब्लू स्टार के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने कहा कि कमरों को जरूरत से अधिक ठंडा करने का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में था। उन्होंने कहा, ‘‘उद्योग इसे लागू करने में बहुत सहज है। सवाल यह है कि रिमोट फर्मवेयर (हार्डवेयर उपकरणों में लगा सॉफ्टवेयर) को बदलना होगा और पुराने माल को निर्धारित तिथि पर प्रबंधित करना होगा। यह एक सरल काम है। इसलिए, कोई समस्या नहीं है।’’ त्यागराजन के अनुसार, कम तापमान जरूरी नहीं कि इंसान को सहज महसूस कराए। इंसान को सहज महसूस कराने के लिए हवा के संचार और आर्द्रता नियंत्रण महत्वपूर्ण है। हायर अप्लायंसेज इंडिया के अध्यक्ष एनएस सतीश ने कहा, ‘‘इससे देश और पर्यावरण को आर्थिक लाभ होगा, क्योंकि कम बिजली का मतलब कम कार्बन उत्सर्जन है।’’
बचेंगे पैसे
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के लिए, कम बिजली की खपत का मतलब बिजली की बचत है, जो उनकी जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करेगा। वोल्टास के प्रबंध निदेशक और सीईओ प्रदीप बख्शी ने कहा, ‘‘यह लोगों, सरकार और सभी के लिए फायदे वाली स्थिति है। यह सरकार का एक अच्छा कदम है।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसे अगले दो से तीन महीनों में हासिल किया जा सकता है। एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि यह एक ‘प्रगतिशील कदम’ है और भारत को जिम्मेदार ऊर्जा उपयोग के लिए प्रतिबद्ध देशों के चुनिंदा समूह में रखता है। भारत में कमरे में लगने वाले एयर कंडीशनर बाजार दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। एक अनुमान के अनुसार, इसका बाजार लगभग 1.5 करोड़ यूनिट्स का है।
