Hindi News Paisa Gallery कायम है हैदराबाद के निजाम की...
 

आजादी से पहले देश में 500 से ज्यादा रजवाड़े थे जिनकी शानोशौकत के नजारे विरासती महलों-किलों के रूप में आज भी मौजूद हैं। केवल महल ही नहीं उस दौर की कारें भी उनकी विलासिता दिखाती थीं, जिन्हें अब ‘विंटेज कार’ कहा जाता है। सोचिए कितना अद्भुत होगा वह दृश्य जिसमें आप दिल्ली की सड़कों पर ऐसी ही करीब 70 कारों को दौड़ते देखें। हैदराबाद के निजाम की सौ साल से ज्यादा पुरानी कार ‘फायर इंजन’ और महात्मा गांधी की हत्या के लिए नाथुराम गोडसे द्वारा इस्तेमाल में लाई गई कार ‘किलर’ कार इनमें शामिल हैं। दिल्ली में आयोजित स्टेट्समैन विंटेज एंड क्लासिक कार रैली के 52वें संस्करण में 68 विंटेज एवं क्लासिक कारों ने भाग लिया। हरे रंग की 1930 मॉडल की स्टूडबेकर कार भी लोगों के आकर्षण के केंद्र में रही। ‘किलर’ नाम से मशहूर इस कार का इस्तेमाल नाथुराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या के दौरान किया था। पहले यह कार मूलत: जौनपुर के महाराजा की थी। गांधी की हत्या के बाद दिल्ली पुलिस ने इसे जब्त कर लिया था। बाद में यह कई मालिकों के पास से होती हुई फिलहाल दिल्ली रहवासी कार शौकीन मुजीबरहमान के पास है।