नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण तथा इसके रोकथाम के उपायों का असर इस सप्ताह भी बाजार पर हावी रहेगा। विश्लेषकों के अनुसार, अर्थव्यवस्था पर इसके पड़ सकने वाले असर का दबाव बाजार पर बने रहने का अनुमान है। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि बाजार का ध्यान इस बात पर लगा रहेगा कि कोरोना वायरस का संक्रमण और बढ़ता है या फिर कुछ धीमा पड़ता है। इसके साथ ही निवेशकों की निगाहें राहत पैकेज के साथ ही रिजर्व बैंक और सरकार के समन्वित प्रयासों पर भी लगी रहेंगी।
पिछले सप्ताह उठापटक के बाद सेंसेक्स में 4,187 अंक और निफ्टी में 1,210 अंक की गिरावट दर्ज की गयी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इस सप्ताह फिर से भारतीय शेयर सूचकांकों में तेज गिरावट रही। सप्ताह के दौरान अक्टूबर 2008 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट देखने को मिली। भारत तथा पूरे विश्व में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या में वृद्धि का असर बाजार पर जारी रहने का अनुमान है। ट्रेडिंगबेल्स के वरिष्ठ विश्लेषक संतोष मीणा ने कहा कि हम आसानी से यह कह सकते हैं कि हम सदी के सबसे अनिश्चित समय में हैं। अभी बाजार की आगे की गति आने वाले समय में अमेरिका, यूरोप और भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार की स्थिति पर पूरी तरह से निर्भर है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के उपाध्यक्ष अजीत मिश्रा ने कहा कि कहने की जरूरत नहीं कि वैश्विक संकेत और कोरोना वायरस के मोर्चे पर होने वाली गतिविधियों से आने वाले समय में बाजार की चाल तय होगी।
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