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Hindi News पैसा बाजार क्रिप्टोकरेंसी की हालत पतली, Bitcoin की वैल्यू 85,000 डॉलर से नीचे, 8 हफ्ते में 33% लुढ़का, जानें डिटेल

क्रिप्टोकरेंसी की हालत पतली, Bitcoin की वैल्यू 85,000 डॉलर से नीचे, 8 हफ्ते में 33% लुढ़का, जानें डिटेल

बैंक के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि क्रिप्टो बाज़ार में उतार-चढ़ाव भले ही सामान्य हो, लेकिन मौजूदा परिस्थितियाँ यह दर्शा रही हैं कि निवेश पोर्टफोलियो में बिटकॉइन की भूमिका पर अब पहले से अधिक दबाव और सवाल खड़े हो रहे हैं।

निवेशक क्रिप्टो की जगह सोना और बॉण्ड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।- India TV Paisa Image Source : FREEPIK निवेशक क्रिप्टो की जगह सोना और बॉण्ड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी कंपनियों में सोमवार को गिरावट का सिलसिला जारी रहा। यह लगभग दो महीनों से चल रही सुस्ती का विस्तार है, जो व्यापक टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेज़ बिकवाली के बीच दिखाई दे रही है। कई निवेशक इन टेक शेयरों को अधिक मूल्यांकित मान रहे हैं, जिसका असर क्रिप्टो बाज़ार पर भी पड़ रहा है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, बिटकॉइन, जिसने 6 अक्टूबर को कॉइनबेस पर 1,26,210.50 डॉलर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था, 11.8% गिरकर 85,000 डॉलर से नीचे पहुंच गया। आठ हफ्तों में यह करीब 33% की गिरावट है, जो बाजार के तेज उतार-चढ़ाव को दर्शाती है।

क्रिप्टो-सम्बंधित कंपनियों के शेयरों में भी दबाव

कॉइनबेस ग्लोबल 5.1% टूटा। रॉबिनहुड मार्केट्स 5.2% फिसला। रायट प्लेटफॉर्म्स, जो बिटकॉइन माइनिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में से है, 5.4% गिरा। वहीं, बिटकॉइन को अपनी बैलेंस शीट पर रखने वाली बड़ी क्रिप्टो ट्रेजरी कंपनी स्ट्रेटेजी में 10.3% की तेज गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, उसके पास 6,49,870 बिटकॉइन हैं, जिनकी कुल कीमत सोमवार सुबह 11 बजे (ET) तक लगभग 55 अरब डॉलर थी। अमेरिकन बिटकॉइन, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे-एरिक ट्रंप और डोनाल्ड ट्रंप जूनियर की हिस्सेदारी है, 7.2% टूटा और 30 सितंबर से अब तक इसमें 41% से अधिक की गिरावट आ चुकी है।

ट्रंप-सम्बंधित अन्य क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स भी गिरावट से नहीं बच सके

वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल यानी WLFI टोकन का मार्केट वैल्यू सितंबर मध्य में 6 अरब डॉलर से घटकर अब लगभग 3.91 अरब डॉलर पर आ गया है। $TRUMP नामक मीम कॉइन, जिसकी कीमत ट्रंप के जनवरी उद्घाटन से ठीक पहले करीब 45 डॉलर थी, अब 5.63 डॉलर रह गई है। 

क्रिप्टो बाजार में बिकवाली के पीछे कई कारण

इस फॉल सीजन में बढ़ी रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट, जिसके चलते निवेशक सोना और बॉण्ड जैसे अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। बिटकॉइन फ्यूचर्स एक महीने में लगभग 24% टूट चुके हैं, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स लगभग 7% बढ़े हैं। डॉयशे बैंक के अनुसार, संस्थागत निवेशकों की बिकवाली, लंबे समय से बिटकॉइन होल्ड कर रहे निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली, और फेडरल रिज़र्व के अधिक सख्त रुख ने इस गिरावट को और गहरा किया है। साथ ही, क्रिप्टो रेग्युलेशन में ठहराव ने भी बाज़ार में अनिश्चितता बढ़ाई है।

बिटकॉइन की पोर्टफोलियो में भूमिका पर दबाव बढ़ रहा

बैंक के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में लिखा- अस्थिरता क्रिप्टो बाजार की प्रकृति है, लेकिन मौजूदा स्थितियां संकेत दे रही हैं कि बिटकॉइन की पोर्टफोलियो में भूमिका पर दबाव बढ़ रहा है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह गिरावट अस्थायी है या लंबी अवधि का सुधार। निवेशकों की पसंद बने स्पॉट बिटकॉइन ETFs भी बिकवाली की मार झेल रहे हैं। मॉर्निंगस्टार डायरेक्ट के अनुसार, नवंबर में निवेशकों ने स्पॉट बिटकॉइन ETF से 3.6 अरब डॉलर निकाल लिए, जो जनवरी 2024 में इन ETFs की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है।

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