India-US डील से रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में ₹858 करोड़ की बढ़ोतरी, LIC भी हुआ मालामाल, जानें ऐसा क्या हुआ?
रेखा झुनझुनवाला और एलआईसी की टाइटन में बहुत बड़ी शेयरहोल्डिंग है। टाटा समूह की ज्वेलरी कंपनी टाइटन कंपनी लिमिटेड के शेयरों में तेजी आने से इन दोनों के पोर्टफोलियो में जोरदार उछाल देखने को मिला।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद बाजार में आई रैली का फायदा टाटा समूह की ज्वेलरी कंपनी टाइटन कंपनी लिमिटेड के शेयरों को हुआ, जिससे दिग्गज निवेशक रेखा झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में भारी उछाल आया। साथ ही, एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) जैसे बड़े संस्थागत निवेशक को भी मोटा मुनाफा हुआ। टाइटन शेयरों में धमाकेदार तेजी देखने को मिली। एनएसई पर टाइटन के शेयर दो सत्रों में ₹3,953.20 से बढ़कर ₹4,135.10 प्रति शेयर तक पहुंच गए। यानी प्रति शेयर ₹181.90 की बढ़ोतरी (करीब 4.6% की तेजी)। यह उछाल भारत-अमेरिका डील से जुड़ा है, जिसमें अमेरिका ने भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया। इससे जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर (खासकर निर्यात-उन्मुख कंपनियां) को बड़ा फायदा होने की उम्मीद जगी, क्योंकि यूएस में भारतीय ज्वेलरी के निर्यात सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
रेखा झुनझुनवाला को ₹858 करोड़ का फायदा
रेखा झुनझुनवाला (निवेशक राकेश झुनझुनवाला की पत्नी) टाइटन में एक प्रमुख शेयरधारक हैं। livemint की खबर के मुताबिक, Q3FY26 (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, उनके पास 4,71,84,470 शेयर हैं, जो कंपनी की कुल चुकता पूंजी का 5.31% है। ₹181.90 प्रति शेयर की बढ़ोतरी से उनकी होल्डिंग वैल्यू में ₹858 करोड़ (लगभग ₹858.28 करोड़) का इजाफा हुआ। (इसकी गणना ऐसे समझें: ₹181.90 × 4,71,84,470 = ₹858 करोड़)
एलआईसी को भी ₹406 करोड़ का मुनाफा
लाइफ इंश्योरेंस की सरकारी कंपनी एलआईसी भी टाइटन का बड़ा शेयरधारक है। नवीनतम शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, LIC के पास 2,23,24,301 शेयर हैं। इसी तेजी से LIC की होल्डिंग वैल्यू में करीब ₹406 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। इसकी गणना को भी आप ऐसे समझें: ₹181.90 × 2,23,24,301 = ₹406 करोड़)
इन सेक्टर्स के लिए भी डील है पॉजिटिव
यह डील न केवल ज्वेलरी सेक्टर (टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, सेनको गोल्ड आदि) बल्कि टेक्सटाइल, केमिकल और अन्य निर्यात-उन्मुख सेक्टर्स के लिए भी सकारात्मक है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ कट से भारतीय निर्यात को नई गति मिलेगी, जिससे लंबे समय में इन कंपनियों की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ेगी।रेखा झुनझुनवाला का टाइटन में लंबे समय से मजबूत दांव है, और यह घटना उनकी निवेश रणनीति की सफलता को फिर से साबित करती है। निवेशकों के लिए यह याद दिलाता है कि सेक्टर-विशिष्ट पॉलिसी बदलाव कितना बड़ा असर डाल सकते हैं।
