Q3 Results: HDFC Bank के नेट प्रॉफिट में 12% का उछाल, ICICI Bank का प्रॉफिट घटा
एकल आधार पर एचडीएफसी बैंक का लाभ अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 11.46 प्रतिशत बढ़कर 18,653.75 करोड़ रुपये हो गया।

प्राइवेट सेक्टर के दो सबसे बड़े बैंकों- एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के प्रॉफिट में उछाल देखने को मिला तो वहीं दूसरी तरफ, आईसीआईसीआई बैंक का नेट प्रॉफिट घट गया। एचडीएफसी बैंक ने शनिवार को बताया कि चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में उनका नेट प्रॉफिट 12.17 प्रतिशत बढ़कर 19,807 करोड़ रुपये हो गया। इस बैंक ने पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 17,657 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 19,611 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था।
एचडीएफसी बैंक के ब्याज आय में 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी
एकल आधार पर बैंक का लाभ अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 11.46 प्रतिशत बढ़कर 18,653.75 करोड़ रुपये हो गया। शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक बैंक का शुद्ध ब्याज आय 6.4 प्रतिशत बढ़कर 32,600 करोड़ रुपये रहा, जबकि गैर-ब्याज आय 13,250 करोड़ रुपये रहा। बैंक ने बताया कि समग्र स्तर पर उसका शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.35 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, नए श्रम कानूनों को लागू करने के कारण समीक्षाधीन तिमाही के दौरान उसका खर्च 800 करोड़ रुपये बढ़ गया।
आईसीआईसीआई बैंक का नेट प्रॉफिट 2.68 प्रतिशत घटा
आईसीआईसीआई बैंक ने शनिवार को कहा कि दिसंबर 2025 तिमाही में उसका नेट प्रॉफिट 2.68 प्रतिशत घटकर 12,537.98 करोड़ रुपये रहा। आईसीआईसीआई बैंक ने पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 12,883.37 करोड़ रुपये और चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 13,537.06 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था। बैंक ने एकल आधार पर 11,318 करोड़ रुपये का PAT दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में 11,792 करोड़ रुपये था।
बैंक के ब्याज आय में 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इस दौरान बैंक का ब्याज आय सालाना आधार पर 7.7 प्रतिशत बढ़कर 21,932 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान ऋण वृद्धि 11.5 प्रतिशत और शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.05 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बैंक की गैर-ब्याज आय 12.4 प्रतिशत बढ़कर 7525 करोड़ रुपये रही। नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद बैंक ने 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। उसका कुल प्रावधान दोगुना होकर 2556 करोड़ रुपये हो गया।