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Hindi News पैसा बाजार ''इस साल 93,918 तक पहुंच सकता है सेंसेक्स, पोर्टफोलियो को बैलेंस करने में सोना-चांदी निभाएंगे अहम भूमिका''

''इस साल 93,918 तक पहुंच सकता है सेंसेक्स, पोर्टफोलियो को बैलेंस करने में सोना-चांदी निभाएंगे अहम भूमिका''

रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सोने और चांदी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण सोने की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।

share market, stock market, bse, bse, sensex, nifty, nifty 50, gold, silver- India TV Paisa Image Source : PTI निवेशकों को संतुलित और अनुशासित रणनीति अपनाने की जरूरत

दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं और शेयर बाजार में हाई वैल्यूएशन्स के बीच बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स साल 2026 के अंत तक 93,918 अंक तक पहुंच सकता है। ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी क्लाइंट एसोसिएट्स (सीए) ने बुधवार को एक रिपोर्ट में ये अनुमान जताया। इस रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसेक्स दिसंबर, 2026 तक अपने मौजूदा स्तर 84,805 के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93,918 अंक तक पहुंच सकता है।  

7 अरब डॉलर के ऐसेट्स मैनेज करती है कंपनी

क्लाइंट एसोसिएट्स फर्म अमीर और बेहद अमीर निवेशकों के लिए 7 अरब डॉलर से ज्यादा वैल्यू के ऐसेट्स का मैनेजमेंट करती है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में सोने और चांदी का प्रदर्शन मजबूत रहा। कमजोर डॉलर, भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण सोने की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। खासकर केंद्रीय बैंकों की खरीद से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की भूमिका और मजबूत हुई। वहीं, वैश्विक आपूर्ति संबंधी चिंताओं और अमेरिका-चीन तनाव के कारण चांदी की कीमतों में भी पिछले साल तेज उछाल देखा गया। 

निवेशकों को संतुलित और अनुशासित रणनीति अपनाने की जरूरत

साल 2026 के संदर्भ में क्लाइंट एसोसिएट्स का मानना है कि इस साल बाजार की दिशा व्यापक तेजी से हटकर चुनिंदा, बुनियादी कारकों पर आधारित अवसरों की ओर बढ़ सकती है। क्लाइंट एसोसिएट्स के इंवेस्टमेंट रिसर्च हेड नितिन अग्रवाल ने कहा, "भारत की घरेलू आर्थिक मजबूती और बेहतर आय अनुमान सकारात्मक हैं, लेकिन ऊंचे मूल्यांकन और वैश्विक जोखिमों के बीच निवेशकों को संतुलित और अनुशासित रणनीति अपनाने की जरूरत होगी।" 

पोर्टफोलियो को बैलेंस करने में सोना-चांदी निभाएंगे अहम भूमिका

कंपनी ने अपनी सालाना इक्विटी आकलन रिपोर्ट में कहा कि बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले मौजूदा बाजार परिवेश में सोना और चांदी निवेश पोर्टफोलियो के लिए अहम संतुलनकारी संपत्ति बनकर उभर रहे हैं। इस रिपोर्ट में चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.8 प्रतिशत बताया गया है। इसमें कहा गया है कि लंबी अवधि में संपत्ति निर्माण के लिए इक्विटी अहम बनी रहेगी, लेकिन जोखिम प्रबंधन और विविधीकरण का ध्यान रखना होगा।

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