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Hindi News पैसा बाजार शेयर बाजार में कब रुकेगी गिरावट, चीन के झटके ने अमेरिका से लेकर भारत तक बढ़ाई टेंशन

शेयर बाजार में कब रुकेगी गिरावट, चीन के झटके ने अमेरिका से लेकर भारत तक बढ़ाई टेंशन

भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली है। विदेशी निवेशक पिछले साल सितंबर के आखिर से ही भारतीय बाजार से लगातार शेयर बेचकर पैसे निकाल रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार में नॉन-स्टॉप गिरावट चल रही है।

bse, nse, nifty, nifty 50, sensex, share market, stock market, china, us, deepseek ai, open ai- India TV Paisa Image Source : FREEPIK पिछले साल सितंबर के आखिर से चल रही है नॉन-स्टॉप गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में पिछले साल सितंबर के आखिर में शुरू हुई गिरावट अभी तक जारी है। शेयर बाजार के दो प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 50 अपने-अपने लाइफटाइम हाई से करीब 14-15 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी अपने सपोर्ट लेवल 22,800 के करीब पहुंच चुका है और यहां से बाजार में रिकवरी शुरू हो सकती है। हालांकि, उनका ये भी कहना है कि अगर निफ्टी अपने सपोर्ट लेवल से नीचे गया तो फिर से गिरते-गिरते 22,000 तक भी पहुंच सकता है। भारतीय बाजार में जारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं, आइए जानते हैं।

1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

भारतीय बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही बिकवाली है। विदेशी निवेशक पिछले साल सितंबर के आखिर से ही भारतीय बाजार से लगातार शेयर बेचकर पैसे निकाल रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार में नॉन-स्टॉप गिरावट चल रही है।

2. DeepSeek

AI सेक्टर में चीन ने अमेरिका को बड़ा झटका दिया है। चीनी एआई DeepSeek ने पूरे अमेरिका की आईटी इंडस्ट्री में कोहराम मचा दिया है और इसका सबसे बुरा असर Nasdaq पर पड़ा है। भारतीय बाजार में भी अछूता नहीं रहा। DeepSeek का R1 अपनी कीमत को लेकर चर्चाओं में है। जहां एक तरफ Open AI के o1 की कीमत 15 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 60 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन है। वहीं दूसरी ओर, DeepSeek R1 की कीमत सिर्फ 0.55 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 2.19 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन है।

3. रुपया बनाम डॉलर

भारतीय रुपये की तुलना में अमेरिकी डॉलर में जारी लगातार तेजी की वजह से भी भारतीय बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है।

4. कंपनियों के सुस्त नतीजे

भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट तमाम कंपनियां चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश कर रही हैं। हालांकि, कंपनियों से जिस तरह के नतीजों की उम्मीद की जा रही थी, वैसा बिल्कुल नहीं दिख रहा।

5. बजट का खौफ

शेयर बाजार निवेशक बजट को लेकर काफी कंफ्यूज हैं। निवेशक बजट में सरकार की घोषणाओं को लेकर किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं और ऐसे में वे प्रॉफिट बुक कर बाहर निकल रहे हैं।

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