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Hindi News पैसा फायदे की खबर Aadhaar for New Born: नन्हे मेहमान का भी बनवा सकते हैं आधार कार्ड, होंगे कई बड़े फायदे, घर बैठे यूं करें अप्लाई

Aadhaar for New Born: नन्हे मेहमान का भी बनवा सकते हैं आधार कार्ड, होंगे कई बड़े फायदे, घर बैठे यूं करें अप्लाई

UIDAI के अनुसार अभिभावक अपने हाल में पैदा हुए नवजात बच्चे का भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं।

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भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि UIDAI द्वारा जारी किया गया आधार कार्ड प्रत्ये भारतीय नागरिक के लिए एक सबसे जरूरी सरकारी दस्तावेज है। आज के समय में मोबाइल नंबर लेने से लेकर घर खरीदने तक हर जगह आधार कार्ड सबसे पहली जरूरत होता है। यही कारण है कि प्रत्येक नागरिक के पास अपना आधारकार्ड होना जरूरी है। फिर चाहें वह कोई बुजुर्ग हो या फिर नवजात शिशु, सभी के पास आधार कार्ड होना आवश्यक है। जी हां, आपने सही पढ़ा। आप अपने घर में आए नये मेहमान का भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं। 

बच्चों के लिए आधारकार्ड की जरूरत की बात करें तो यह आधार कार्ड बच्चे के स्कूल एडमिशन से लेकर विभिन्न सरकारी योजनाओं में पंजीकरण के लिए काम आ सकता है। इसके अलावा आधार नंबर होने से बच्चे का पासपोर्ट भी आसानी से बन जाता है। 

UIDAI ने बताई प्रक्रिया

आधार कार्ड जारी करने वाली प्रमुख एजेंसी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानि यूआईडीएआई के अनुसार अभिभावक अपने हाल में पैदा हुए नवजात बच्चे का भी आधार कार्ड बनवा सकते हैं। इसकी प्रक्रिया बेहद सरल है, आपको बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के साथ ही माता पिता के दस्तावेज आधार केंद्र पर जमा करने होंगे। आपके नवजात शि​शु का आधार बन जाएगा। यूआईडीएआई की ओर से नवजात बच्चों के लिए भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा शुरू की गई है। इस सुविधा के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधार के टोल फ़्री नम्बर 1947 पर कॉल कर सकते हैं।

ये हैं जरूरी दस्तावेज
  1. बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र 
  2. जन्म प्रमाण पत्र नहीं है तो हॉस्पिटल का डिस्चार्ज कार्ड या पर्ची 
  3. माता या पिता में से किसी एक अभिभावक का आधार 

5 साल और 15 साल पर कराना होगा अपडेट 

यूआईडीएआई नवजात या छोटे बच्चों का आधार बनवाने की सुविधा तो देता है। लेकिन बच्चों के बायोमेट्रिक डिटेल्स  आपको उसके जीवन में दो बार अपडेट करवानी होती हैं। पहली बार बच्चे के 5 साल का होने पर और दूसरी बार उसके 15 साल का होने पर। 5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक्स यानी अंगुलियों के निशान और आंखों की पुतली विकसित नहीं होते हैं। इसलिए इतने छोटे बच्चों के आधार इनरॉलमेंट के वक्त उनके बायोमेट्रिक डिटेल्स नहीं लिए जाते हैं। बच्चे के 5 साल का होने के बाद उसकी बायोमेट्रिक्स डिटेल्स ली जाती हैं। उसके बाद 15 साल का होने पर ये डिटेल्स अपडेट कराना जरूरी है ताकि बच्चा बड़ा होने के बाद अपने आधार को आसानी से इस्तेमाल कर सके।

बच्चा 5 साल से बड़ा हो तो देने होंगे ये डिटेल्स

बच्चा अगर 5 साल से छोटा है तो आपको सिर्फ उसका बर्थ सार्टिफिकेट और माता पिता के आधार कार्ड की डिटेल देनी होती हैं। लेकिन यदि बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है तो उसका आधार कार्ड बनवाने के लिए आप स्कूल के लेटर हेड पर डीटेल, या ग्राम प्रधान या सभासद का लेटर लगा सकते हैं। 5 साल से अधिक उम्र के बच्चों का आवेदन के दौरान बायोमेट्रिक रिकॉर्ड सबमिट किया जाता है। लेकिन 15 साल बाद इसे फिर से एक बार ​अपडेट कराना होगा। 

फ्री में होता है अपडेशन 

बच्चों की बायोमेट्रिक्स का अपडेशन फ्री है। इसके लिए कोई डॉक्युमेंट नहीं चाहिए होता है। केवल बच्चे को उसके आधार कार्ड के साथ निकटतम आधार केन्द्र ले जाना होता है।

ये है पूरा प्रोसेस 
  1. आधार के इनरोलमेंट के लिए आपको आधार सेवा केंद्र पर जाकर एनरोलमेंट फॉर्म भरना होगा।
  2. बच्चे का वैलिड एड्रेस प्रुफ नहीं हो तो बच्चे के माता.पिता का आधार नंबर भरना होगा।
  3. सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ आपको ये फॉर्म जमा करना होगा।
  4. फॉर्म को जमा करने के बाद बच्चे का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड रिकॉर्ड किया जाएगा। इसके तहत हाथ की अंगुलियों की फिंगरप्रिंट, आंखों की तस्वीर लिया जाएगा।
  5. प्रक्रिया पूरी होने पर एक एनरोलमेंट स्लिप जेनरेट कर आपको दी जाएगी।
  6. इस एनरोलमेंट स्लिप पर एनरोलमेंट आईडीए नंबर और तारीख दी जाएगी।
  7. इस एनरोलमेंट आईडी की मदद से आप आधार स्टेटस के बारे में पता कर सकते हैं।
  8. आधार एनरोलमेंट के 90 दिनों के अंदर आधार को आवेदनकर्ता के घर पर पोस्ट कर दिया जाता है।

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