नई दिल्ली। श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के लाभार्थी की कोविड-19 महामारी से मृत्यु होने पर उसके आश्रितों को न्यूनतम 1800 रुपये प्रति माह पेंशन देने की योजना को अधिसूचित कर दिया है। इस अधिसूचना के जारी होने के बाद कोरोना से मृत कर्मचारी के परिवार को अब हर माह कम से कम 1800 रुपये की पेंशन मिलना सुनिचिश्त होगा।
श्रम मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि ईएसआईसी बीमा धारक व्यक्ति की मृत्यु या शारीरिक अशक्तता की स्थिति में उसके पति/पत्नी एवं विधवा मां को जीवन पर्यंत और बच्चों को 25 साल तक की उम्र तक उस कर्मचारी के औसत दैनिक वेतन के 90 प्रतिशत हिस्से के बराबर पेंशन दी जाती है। कर्मचारी की बेटी होने की स्थिति में उसे उसकी शादी तक यह लाभ दिया जाता है। ईएसआईसी योजना के तहत बीमा धारक या बीमित व्यक्ति (आईपी) के परिवारों की सहायता करने के लिए, यह फैसला किया गया है कि आईपी के परिवार के सभी आश्रित सदस्य जो ईएसआईसी के ऑनलाइन पोर्टल में कोविड बीमारी के निदान और इस रोग के कारण बाद में मौत से पहले पंजीकृत हैं, वे भी काम के दौरान मरने वाले बीमित व्यक्तियों के आश्रितों को प्राप्त होने वाले लाभ और इसे समान स्तर पर ही हासिल करने के हकदार होंगे।
दो शर्तों को पूरा करना है जरूरी
मंत्रालय ने कहा है कि नियोक्ताओं पर किसी भी तरह का अतिरिक्त खर्च डाले बिना कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उपाय किए गए हैं। ईएसआईसी कोविड-19 राहत योजना के लिए दो शर्तें पूरी करनी होंगी। पहली कि आईपी को ईएसआईसी ऑनलाइन पोर्टल पर कोविड रोग के निदान और इसके चलते होने वाली मौत से कम से कम तीन महीने पहले पंजीकृत होना चाहिए। दूसरी कि बीमित व्यक्ति निश्चित तौर पर वेतन के लिए नियोजित होना चाहिए और मृतक बीमित व्यक्ति के संदर्भ में कोविड रोग का पता चलने, जिससे मौत हुई हो, ठीक पूर्ववर्ती एक साल के दौरान कम से कम 78 दिन का अशंदान होना चाहिए।
कौन लोंगे होंगे पात्र
बीमित व्यक्ति, जो पात्रता की शर्तों को पूरा करते हैं और कोविड बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई है, उनके आश्रित अपने जीवन के दौरान बीमित व्यक्ति के औसत दैनिक वेतन का 90 फीसदी मासिक भुगतान प्राप्त करने के हकदार होंगे। यह योजना 24 मार्च, 2020 से दो वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी होगी।
Latest Business News