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Hindi News पैसा फायदे की खबर गुड न्यूज! बिहार में 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में ₹10-10 हजार इस दिन आ जाएंगे, नोट कर लें तारीख

गुड न्यूज! बिहार में 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में ₹10-10 हजार इस दिन आ जाएंगे, नोट कर लें तारीख

सभी पात्र महिलाओं को यह राशि उनके बैंक खातों में पहुंच जाएगी। बिहार सरकार का मकसद इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करना है।

यह योजना राज्य की महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।- India TV Paisa Image Source : PTI यह योजना राज्य की महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी।

बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत आगामी 14 दिसंबर तक 10 लाख जीविका दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजेगी। अब तक राज्य की 1 करोड़ 40 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके रोजगार को बढ़ावा देने के लिए यह राशि दी जा रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करना है।

रोजगार के अवसरों को और मजबूत सुदृढ़

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि 14 दिसंबर तक सभी पात्र महिलाओं को यह राशि उनके बैंक खातों में पहुंच जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना राज्य की महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने में सहायक सिद्ध होगी, और उनके रोजगार के अवसरों को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। यह पहल बिहार सरकार की महिलाओं के कल्याण और उनके सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

महिलाओं को आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनाना है मकसद

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना मुख्य लक्ष्य राज्य के हर परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार करने हेतु ₹ 10 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में दी जाती है। महिलाओं द्वारा रोजगार आरंभ करने के बाद आकलन कर ₹ 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता आवश्यकतानुसार दी जाएगी। बिहार सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

पात्रता क्या है जान लीजिए

योजना के तहत ‘परिवार से आशय’ है, पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे। अविवाहित वयस्क महिला जिनके माता-पिता जीवित नहीं हो, उन्हें योजना के हिसाब से एकल परिवार माना जाता है और नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाता है। शहरी क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सभी सदस्य (एक परिवार से एक महिला), इस योजना के लाभ हेतु पात्र होंगें। महिलाएं जो वर्तमान में शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की सदस्य नहीं है, को सदस्य के रूप में जोड़ने से पूर्व योजना के तहत परिवार की परिभाषा को ध्यान में रखते हुए निम्न को सुनिश्चित किया जाना है-

  • आवेदन करने वाली महिला की उम्र 18-60 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदन करने वाली महिला या उनके पति आयकर दाता की श्रेणी में न हो।
  • आवेदन करने वाली महिला स्वयं या उनके पति सरकारी सेवा (नियमित / संविदा) में न हो।

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