Key Highlightsदुनिया में ऐसे भी देश जहां पर नागरिकों और विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई की ट्यूशन फीस बहुत ही मामूली होती है।सबसे सस्ती पढ़ाई वाले देशों की सूची में जर्मनी पहले स्थान पर आता है।नॉर्वे एक ऐसा देश है जहां पर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट लेवल के प्रोग्राम बिल्कुल मुफ्त है।मौजूदा समय में फिनलैंड पढ़ाई के किसी भी लेवल के लिए ट्यूशन फीस नहीं लेता है।नई दिल्ली। विदेश में रहना और पढ़ाई (education) करना सबका सपना होता है। विदेश में रहकर नए लोग, नई जगहें, नया खाना और एक अलग सभ्यता के बारे में जानते हैं। लेकिन विदेश में पढ़ाई की फीस और रहने के खर्चे इतने ज्यादा होते हैं कि सपना सपना ही बनकर रह जाता है। आमतौर पर विदेश में पढाई सुनते ही लोगों के जहन में अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपियन देश ही आते हैं। आपको बता दें कि दुनिया में ऐसे भी देश जहां पर नागरिकों और विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई की ट्यूशन फीस बहुत ही मामूली होती है।यह भी पढ़ें- जानिए दुनिया के 10 सबसे अमीर देशों के नाम, जानिए क्या बनाता है इन्हें धनीpaisa.khabarindiatv.com की टीम आज अपने पाठकों को दुनिया के ऐसे 10 देशों के बारे में बताने जा रही है जहां पर पढ़ाई का खर्चा बेहद सस्ता है।तस्वीरों में देखिए पढ़ाई के लिहाज से दुनिया के 10 सबसे सस्ते देश10 CHEAPEST COUNTRIES TO STUDYIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV PaisaIndiaTV Paisaजर्मनी-सबसे सस्ती पढ़ाई वाले देशों की सूची में जर्मनी पहले स्थान पर आता है। जर्मनी के सरकारी विश्वविद्यालय किसी भी तरह की ट्यूशन फीस नहीं लेते है। यहां 150 से 250 यूरो यानि कि 11,500 से 19000 रुपए के बीच में एडमिनिस्ट्रेशन फीस ली जाती है जो कि देश की दिल्ली यूनिवर्सिटी की सालाना फीस के बराबर है।यह भी पढ़ें- Around the World: ये हैं दुनिया के 10 सबसे महंगे और सस्ते हॉलिडे डेस्टिनेशन्सनॉर्वे-नॉर्वे एक ऐसा देश है जहां पर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट लेवल के प्रोग्राम बिल्कुल मुफ्त है। लेकिन यहां के इन प्रोग्राम का लाभ उठाने के लिए नार्वेजियन भाषा पर अच्छी पकड़ अनिवार्य है क्योंकि अधिकांश ग्रेजुएट कोर्सेज इस भाषा में पढ़ाए जाते हैं। आपको बता दें कि नॉर्वे में नार्वेजियन भाषा में निपुणता के प्रमाण की मांग की जाती है।स्वीडन-यह देश गैर यूरोपियन, यूरोप इकोनॉमिक जोन और नॉर्डिक देश (उत्तरी यूरोप के देश-डेनमार्क, फिनलैंड, आईसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) से ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट प्रोग्राम के लिए एप्लिकेशन और ट्यूशन फीस लेता है, लेकिन पीएचडी प्रोग्राम के लिए किसी भी तरह की कोई फीस नहीं लेता, मसलन पीएचडी प्रोग्राम मुफ्त में कराया जाता है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ मासिक सैलरी भी दी जाती है।ऑस्ट्रिया-यहां गैर यूरोपियन, यूरोप इकोनॉमिक जोन के लोगों को 730 यूरो प्रति सेमेस्टर भुगतान करना होता है जो कि लगभग 55,000 रुपए से बराबर है। इस देश की क्वॉलिटी ऑफ लाइफ देखते हुए पढ़ाई इतनी रकम ज्यादा नहीं है।फिनलैंड-मौजूदा समय में फिनलैंड पढ़ाई के किसी भी लेवल के लिए ट्यूशन फीस नहीं लेता है। लेकिन वर्ष 2017 से यह गैर यूरोपियन और यूरोप इकोनॉमिक जोन के छात्रों से जो कि अंग्रेजी में ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट प्रोग्राम करेंगे उनसे फीस ली जाएगी।इनके अलावा इस सूची में चेक रिपब्लिक, फ्रांस, बैलगियम, ग्रीस और स्पेन भी शामिल है। यहां फीस मुफ्त बराबर है।