फ्लैट न देने पर अरेस्ट हो सकते हैं बिल्डर, नेशनल कन्ज्यूमर कमिशन ने दिया कड़ा संदेश
NCC ने बिल्डरों को कड़ा संदेश देते हुए कहा- सही समय पर फ्लैट हैंड ओवर करने या रिफंड देने में नाकाम होने पर कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

नई दिल्ली। नेशनल कन्ज्यूमर कमिशन (NCC) ने देश के बिल्डरों के लिए एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि फ्लैटों को हैंड ओवर करने या टाइम पर रिफंड देने में नाकाम रहने वाले रियल एस्टेट कंपनियों के अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा सकता है। डॉक्टर बी. सी. गुप्ता की अध्यक्षता में कमिशन ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक कन्ज्यूमर को समय पर घर नहीं देने और न ही निश्चित समय में पैसा लौटाने पर कंपनी के जनरल मैनेजर और डायरेक्टर की गिरफ्तारी के आदेश के साथ ही इसका रास्ता खोल दिया है।
ग्राहकों पर पड़ती है दोहरी मार
- ग्राहकों को निश्चित समय में घर देने का वादा कर बिल्डर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं।
- वो ग्राहकों को न तो समय पर मकान देते हैं और न ही आसानी से उनका पैसा लौटाते हैं।
- इससे ग्राहकों पर दोहरी मार पड़ती है।
- एक ओर तो उन्हें बैंक की EMI देनी पड़ती है और दूसरी ओर उन्हें रहने के लिए किराया भी देना होता है।
- NCC की बेंच ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा-25 और धारा-27 का हवाला दिया।
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बिल्डर हो सकता है गिरफ्तार
- इस धारा के तहत बकाएदारों की संपत्तियों की कुर्की के आदेश या उनकी गिरफ्तारी के लिए एक जुडिशल मैजिस्ट्रेट की तरह अपनी शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं।
- आदेश का पालन करने में नाकाम रहने वाले व्यक्ति को धारा-27 के तहत उपभोक्ता फोरम तीन साल तक की जेल की सजा दे सकता है।
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जालंधर के एक मामले में दिया ये अहम आदेश
- संबंधित कंपनी की तरफ से पेश हुए ऐडवोकेट ने बताया कि कन्ज्यूमर्स को रिफंड दिया जा चुका है।
- हम लोगों ने 5 अक्टूबर को NCC की अपील के बाद डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट, नोएडा के पास पैसा जमा भी करा दिया है।
- उन्होंने कहा, ‘हमने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए कंपनी के अधिकारी अरेस्ट नहीं होंगे।
- महाजन ने बताया कि हम इस बात की जानकारी DM और पंजाब स्टेट कन्ज्यूमर कमिशन को देंगे, जिन्होंने गिरफ्तारी के ऑर्डर दिए हैं।
- पंजाब स्टेट कन्ज्यूमर कमिशन ने जुलाई में कंपनी के जनरल मैनेजर और डायरेक्टर को अरेस्ट करने के ऑर्डर दिए थे, क्योंकि रियल एस्टेट कंपनी ने जालंधर में एक कन्ज्यूमर को टाइम पर फ्लैट नहीं दिया था।