सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, NPS और UPS के तहत बढ़ाई गई इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स की संख्या- चेक करें डिटेल्स
नए ऑटो चॉइस इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में 'ऑटो चॉइस -लाइफ साइकिल 75-हाई (15E/55Y)' और 'ऑटो चॉइस -लाइफ साइकिल- एग्रेसिव (35E/55Y)' शामिल हैं।

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत मौजूदा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। PFRDA ने इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स में दो नए ऑटो चॉइस ऑप्शन शुरू किए हैं, जिससे सेंट्रल गवर्नमेंट (CG) सब्सक्राइबर्स के लिए इन्वेस्टमेंट ऑप्शन की कुल संख्या 6 हो गई है। नए ऑटो चॉइस इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में 'ऑटो चॉइस -लाइफ साइकिल 75-हाई (15E/55Y)' और 'ऑटो चॉइस -लाइफ साइकिल- एग्रेसिव (35E/55Y)' शामिल हैं। PFRDA के इस कदम का सीधा फायदा सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा और अब उन्हें पेंशन स्कीम के तहत इन्वेस्टमेंट के नए विकल्पों को चुनने की सुविधा मिलेगी।
अभी NPS और UPS सेंट्रल गवर्नमेंट सब्सक्राइबर्स के लिए 4 इन्वेस्टमेंट ऑप्शन उपलब्ध हैं-
डिफॉल्ट स्कीम: कंट्रीब्यूशन को 3 पेंशन फंड द्वारा मैनेज किए जाने वाले पहले से तय एसेट एलोकेशन पैटर्न के अनुसार इन्वेस्ट किया जाता है।
एक्टिव चॉइस (100% G-Sec): सिर्फ गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में इन्वेस्टमेंट।
ऑटो चॉइस- लाइफ साइकिल 25 - लो (5E/55Y): सब्सक्राइबर के कंट्रीब्यूशन का 25% हिस्सा इक्विटी में तब तक इन्वेस्ट किया जाता है जब तक वे 35 साल के नहीं हो जाते और इक्विटी एलोकेशन बाद में 55 साल की उम्र में घटकर 5% तक हो जाता है, जो एग्जिट तक जारी रहता है।
ऑटो चॉइस- लाइफ साइकिल 50 - मॉडरेट (10E/55Y): सब्सक्राइबर के कंट्रीब्यूशन का 50% हिस्सा इक्विटी में तब तक इन्वेस्ट किया जाता है जब तक वे 35 साल के नहीं हो जाते और इक्विटी एलोकेशन बाद में 55 साल की उम्र में घटकर 10% तक हो जाता है, जो एग्जिट तक जारी रहता है।
नए इन्वेस्टमेंट ऑप्शन में क्या-क्या होगा
ऑटो चॉइस- लाइफ साइकिल 75 (हाई): 35 साल की उम्र तक कंट्रीब्यूशन का 75% हिस्सा इक्विटी में इन्वेस्ट किया जाएगा, जो 55 साल की उम्र तक धीरे-धीरे कम होकर 15% हो जाता है। ये ऑप्शन उन सब्सक्राइबर के लिए डिजाइन किया गया है जो ज्यादा मार्केट-लिंक्ड वोलैटिलिटी के साथ कम्फर्टेबल हैं, बदले में पोटेंशियली ज्यादा लॉन्ग-टर्म रिटर्न पा सकते हैं।
ऑटो चॉइस- लाइफ साइकिल- एग्रेसिव: 45 साल की उम्र तक कंट्रीब्यूशन का 50% हिस्सा इक्विटी में इन्वेस्ट किया जाएगा, जो 55 साल की उम्र तक कम होकर 35% हो जाता है। ज्यादा इक्विटी फ्लोर इसे मौजूदा ऑप्शन से अलग बनाता है और उन सब्सक्राइबर के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने मिड-करियर में भी ग्रोथ-ओरिएंटेड पोर्टफोलियो चाहते हैं।
रेगुलेटर ने सब्सक्राइबर्स को स्कीम में बदलाव करने से पहले स्कीम की परफॉर्मेंस और पेंशन फंड ट्रैक रिकॉर्ड देखने की सलाह दी है। स्कीम और फंड के हिसाब से रिटर्न का अपडेटेड डेटा NPS ट्रस्ट की वेबसाइट पर मौजूद है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार के निवेश से पहले या वित्तीय जोखिम लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के जोखिम के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।