चालू वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8.82 प्रतिशत बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। रिफंड में कमी और कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन में इजाफा होने की वजह से नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में ये बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सोमवार को ये जानकारी दी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल, 2025 से लेकर 11 जनवरी, 2026 के दौरान नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 12.4 प्रतिशत बढ़कर 8.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा, जबकि नॉन-कॉरपोरेट टैक्स (इंडिविजुअल टैक्सपेयर और HUF समेत) कलेक्शन 6.39 प्रतिशत बढ़कर करीब 9.30 लाख करोड़ रुपये रहा।
सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन में कोई खास बदलाव नहीं
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, इस अवधि में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स से कलेक्शन साल भर पहले की समान अवधि के मुकाबले 44,867 करोड़ रुपये पर लगभग स्थिर रहा। हालांकि, इस दौरान टैक्स रिफंड सालाना आधार पर 17 प्रतिशत घटकर 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया। ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन चालू वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक सालाना आधार पर 4.14 प्रतिशत बढ़कर लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें 10.47 लाख करोड़ रुपये का कुल कॉरपोरेट टैक्स और 10.58 लाख करोड़ रुपये का नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन शामिल है।
सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के लिए रखा है 25.20 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य
वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो एक साल पहले की तुलना में 12.7 प्रतिशत ज्यादा है। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 में सिक्यॉरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स के जरिए 78,000 करोड़ रुपये जुटाने का है। इन आंकड़ों पर डेलॉयट इंडिया के पार्टनर रोहिंटन सिधवा ने कहा कि नेट टैक्स कलेक्शन में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी उत्साहजनक है और इससे संकेत मिलता है कि सरकार वित्त वर्ष के अंत तक अपने लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है। हालांकि, सिधवा ने कहा कि ये बढ़त मुख्य रूप से टैक्स रिफंड में बड़ी गिरावट का नतीजा है और रिफंड के रुझानों में इस तरह के अंतर के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं।
Latest Business News