1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. Nepal Protest: अंतरिम सरकार के गठन को लेकर सेनाध्यक्ष के साथ रात भर चली बैठक, कार्की को कमान पर फाइनल मुहर

Nepal Protest: अंतरिम सरकार के गठन को लेकर सेनाध्यक्ष के साथ रात भर चली बैठक, कार्की को कमान पर फाइनल मुहर

नेपाल में बृहस्पतिवार की आधी रात से शुरू हुई बैठक के दौरान सुशीला कार्की के नाम पर फाइनल सहमति बन गई है। उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेनाध्यक्ष समेत जेन-जी की मौजूदगी रही।

नेपाल में हिंसा को देखते हुए तैनात सेना। - India TV Hindi
Image Source : AP नेपाल में हिंसा को देखते हुए तैनात सेना।

काठमांडूः नेपाल में GEN G के दो गुटों में बंट जाने की वजह से रात भर सेना के साथ राष्ट्रपति समेत अन्य की बैठक चलती रही। आधी रात बाद काफी माथापच्ची के बाद पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की कमान देने पर सहमति बना ली गई। सुशीला कार्की को लेकर GEN G में मतभेदों के चलते सेनाध्यक्ष शोकराज सिग्देल और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

शीतल निवास में हुआ फाइनल फैसला

शीतल निवास में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की अगुवाई में बृहस्पतिवार की देर रात से हुई अहम बैठक में नेपाल की पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने पर सहमति बन गई है। यह फैसला राष्ट्रपति पौडेल द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें सेना प्रमुख अशोकराज सिग्देल, वरिष्ठ कानूनविद् ओमप्रकाश अर्याल, सुशीला कार्की समेत अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं।

संसद भंग करने पर भी चर्चा

बैठक में अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया के साथ-साथ संसद भंग करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, हालांकि इस विषय पर GEN G से मतभेद भी सामने आए। नेपाल में पुरानी परंपरा का पालन करते हुए पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार की बागड़ोर सौंपने पर जेन ज़ी गुटों में सहमति बन गयी है। जेन ज़ी युवा ये चाहते हैं कि पहले संसद के विघटन का एलान हो और उसके बाद अतंरिम सरकार बने। जेन ज़ी प्रतिनिधि लगातार इस मांग पर अड़े रहे। हालांकि संसद के विघटन पर अभी फैसला नहीं लिया गया है।

GEN G ने की राजनीतिक दलों को दूर रखने की मांग

सूत्रों के मुताबिक सेना अध्यक्ष को जेन ज़ी प्रतिनिधियों की ओर से ये भी अनुरोध किया गया कि अंतरिम सरकार में राष्ट्रपति पौडेल और किसी भी पुराने राजनैतिक दल की किसी भी रूप में कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। इन दोनों मुद्दों पर आगे की चर्चा शुक्रवार की सुबह भी जारी है। ज़ेन जी युवाओं ने ये साफ साफ कह दिया है कि संसद के विघटन और राष्ट्रपति सहित पुराने दलों को संसद से बाहर रखने की उनकी मांग माने जाने तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ऐसे में अंतरिम सरकार के गठन को लेकर अभी और भी देरी होने के आसार लग रहे हैं।

नेपाल में अब तक क्या-क्या हुआ?

नेपाल में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों का शुक्रवार को 5वां दिन है। अब तक इस आंदोलन में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंदोलन जेन-जी के बैनर तले चलाया गया। इसमें युवाओं की बड़ी भूमिका रही। जेन-जी के अनुसार यह आंदोलन में राजनीति से लेकर विभिन्न सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ था। इस दौरान नेपाल की जनता ने राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री निवास, सिंह दरबार (जिसमें नेपाल के मंत्रालय चलते थे), विभिन्न मंत्रियों के घर, होटलों, दुकानों, प्रतिष्ठानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली समेत उनकी पूरी कैबिनेट को इस्तीफा देना पड़ा। नेपाल की जनता ने कई मंत्रियों और नेताओं को उनके घरों में घुसकर और सड़कों पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। 

ये भी पढ़ें
 

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा बयान, कहा-"भारत को अपने पक्ष में लाना और चीन से दूर करना हमारी प्राथमिकता"

सुशीला कार्की को नहीं बनाया PM तो गोली खाने को रहो तैयार, किसने दी नेपाल के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष को ये धमकी?
 

 

 

Latest World News