COVID-19 की दूसरी लहर है बेहद गंभीर, भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटने का जोखिम
COVID-19 की दूसरी लहर है बेहद गंभीर, भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटने का जोखिम
India TV Paisa Desk
Published : Apr 28, 2021 04:21 pm IST, Updated : Apr 28, 2021 04:21 pm IST
मानवीय चिंताओं के अलावा एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का मानना है कि इससे जीडीपी वृद्धि के लिए जोखिम पैदा हो गया है और व्यापार बाधित होने की आशंका है।
Image Source : PTIS&P says India's second COVID19 wave may impede economic recovery
नई दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने बुधवार को कहा कि COVID-19 संक्रमण की दूसरी लहर से भारत की आर्थिक वृद्धि दर घटने का जोखिम पैदा हो गया है और इससे कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि दूसरी लहर के चलते अनिश्चितता का वातावरण है और कोविड का प्रकोप लंबा चला तो ये भारत की भरपाई को प्रभावित करेगा। एसएंडपी ने एक बयान में कहा कि ऐसे में हमें वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए 11 प्रतिशत वृद्धि के अनुमान को संशोधित करना पड़ सकता है, खासतौर पर तब जब सरकार व्यापक प्रतिबंधों को लागू करने के लिए बाध्य हो।
आधिकारिक अनुमानों के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान आठ प्रतिशत घटी है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर बेहद गंभीर है। मानवीय चिंताओं के अलावा एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स का मानना है कि इससे जीडीपी वृद्धि के लिए जोखिम पैदा हो गया है और व्यापार बाधित होने की आशंका है।
ब्लैकस्टोन के प्रमुख ने भारत में महामारी के खिलाफ लड़ाई में 50 लाख डॉलर की सहायता दी
वॉलस्ट्रीट मुख्यालय वाली निवेश प्रबंधन कंपनी ब्लैकस्टोन ने बुधवार को भारत में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई मदद के लिए 50 लाख डॉलर (करीब 40 करोड़ रुपये) देने की घोषणा की। गौरतलब है कि ब्लैकस्टोन ने भारत में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है।
निवेश फंड के संस्थापक अध्यक्ष स्टीफन ए श्वार्जमैन ने यह घोषणा की। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण तेजी से बढ़ा है और पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन लगातार तीन लाख से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं।