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Hindi News पैसा बिज़नेस Airtel Q3 Results: मुनाफा 55% गिरा, फिर भी बढ़े ग्राहक और कमाई! आखिर कहां फंस गई कंपनी की रणनीति?

Airtel Q3 Results: मुनाफा 55% गिरा, फिर भी बढ़े ग्राहक और कमाई! आखिर कहां फंस गई कंपनी की रणनीति?

शेयर बाजार और टेलीकॉम सेक्टर की नजरें जब भारती एयरटेल के तिमाही नतीजों पर टिकी थीं, तो तस्वीर थोड़ी मिली-जुली नजर आई। एक तरफ मुनाफे में बड़ी गिरावट ने निवेशकों को चौंकाया, तो दूसरी ओर मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और बढ़ता ग्राहक आधार यह संकेत देता है कि कंपनी का बिजनेस इंजन अभी भी पूरी रफ्तार में है।

एयरटेल का मुनाफा गिरा- India TV Paisa Image Source : ANI एयरटेल का मुनाफा गिरा

अगर सिर्फ मुनाफे के आंकड़े देखें, तो भारती एयरटेल की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3) निराश करती है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू बिल्कुल अलग कहानी कहता है। जहां एक तरफ कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 55 फीसदी गिर गया, वहीं दूसरी ओर रेवेन्यू, ग्राहक आधार और प्रति ग्राहक कमाई में मजबूती बनी रही। यही वजह है कि एयरटेल के तिमाही नतीजे निवेशकों और बाजार के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ते हैं कि आखिर मुनाफा क्यों घटा, जबकि बिजनेस ग्रोथ बरकरार है?

मुनाफे पर क्यों पड़ा दबाव

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारती एयरटेल का इंटीग्रेटेड नेट प्रॉफिट घटकर 6,630.5 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 14,781.2 करोड़ रुपये था। कंपनी के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह बढ़ती लागत है। नेटवर्क संचालन, लाइसेंस और स्पेक्ट्रम से जुड़े शुल्क, और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च तेजी से बढ़ा है। सिर्फ लाइसेंस और स्पेक्ट्रम फीस ही 7 फीसदी बढ़कर 3,846 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि कर्मचारियों पर खर्च में 21 फीसदी का उछाल देखने को मिला।

भविष्य की तैयारी में भारी निवेश

मुनाफे में गिरावट के पीछे एक बड़ा कारण कंपनी का आक्रामक निवेश भी है। एयरटेल ने 5G नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं को मजबूत करने के लिए कैपेक्स पर जोर दिया है। तिमाही के दौरान कुल पूंजीगत व्यय 28 फीसदी बढ़कर 11,787 करोड़ रुपये हो गया। भारत में ही कंपनी ने 9,249.5 करोड़ रुपये का निवेश किया। साफ है कि एयरटेल अभी मुनाफे से ज्यादा भविष्य की ग्रोथ पर दांव लगा रही है।

रेवेन्यू ने दी राहत

जहां खर्च बढ़ा, वहीं कमाई के मोर्चे पर एयरटेल की पकड़ मजबूत दिखी। कंपनी की परिचालन आय 19.6 फीसदी बढ़कर 53,982 करोड़ रुपये हो गई। भारत में रेवेन्यू 13.2 फीसदी की बढ़त के साथ 39,226 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बेहतर कलेक्शन और बढ़ते मोबाइल यूजर्स की वजह से मोबाइल सेवाओं से कमाई में भी इजाफा हुआ।

ग्राहक और ARPU में मजबूती

ग्राहक आधार भी एयरटेल के लिए राहत की खबर लेकर आया। कंपनी के कुल ग्राहक 11.8 फीसदी बढ़कर 57.6 करोड़ हो गए। भारत में ग्राहकों की संख्या 41.38 करोड़ और अफ्रीका में 17.93 करोड़ तक पहुंच गई। साथ ही ARPU बढ़कर 259 रुपये हो गया, जो नेटवर्क क्वालिटी और प्रीमियम यूजर्स की बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाता है।

मैनेजमेंट का भरोसा

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि मौजूदा तिमाही परिचालन के लिहाज से मजबूत रही और मौजूदा रणनीति लंबी अवधि में ग्रोथ को सपोर्ट करेगी। कुल मिलाकर, एयरटेल के नतीजे यह दिखाते हैं कि मुनाफे में गिरावट अस्थायी है, जबकि निवेश और ग्राहक वृद्धि कंपनी के भविष्य की नींव रख रहे हैं।

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