ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों WinZO और GamezKraft पर मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की। एजेंसी ने बेंगलुरु, दिल्ली और गुरुग्राम में कंपनियों के ऑफिस और टॉप अधिकारियों के घरों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, कुल 11 लोकेशन पर तलाशी अभियान चला, जिसमें बेंगलुरु में 5, दिल्ली में 4 और गुरुग्राम में 2 स्थान शामिल थे।
मनीकंट्रोल की खबर के अनुसार, शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि इन कंपनियों ने अपने ऐप के एल्गोरिदम में हेरफेर करके खिलाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। जांच में यह भी पता चला कि प्रमोटर्स के पास क्रिप्टो वॉलेट्स हैं, जिससे शक जताया जा रहा है कि डिजिटल करेंसी के जरिए अवैध धनशोधन किया जा रहा था।
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्स कानून
यह कार्रवाई उस समय हुई है जब सरकार ने कुछ महीने पहले ऑनलाइन गेमिंग कानून लागू किया था, जिसके तहत रियल-मनी गेम्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया। इस कानून के अनुसार, उपयोगकर्ता द्वारा सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जमा किए गए पैसे पर जीत की संभावना रखना अब अवैध माना गया है। इसके बाद WinZO और GamezKraft ने भारत में अपने रियल-मनी बिजनेस को बंद कर दिया था।
Gameskraft और WinZO
Gameskraft ऑनलाइन रम्मी ऐप Rummyculture चलाती है और यह एक लंबे समय से विवादों में है। कंपनी के पूर्व CFO रमेश प्रभु पर आरोप है कि उन्होंने लगभग 5 साल में 270.43 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इस मामले में मराठाहल्ली पुलिस स्टेशन में FIR भी दर्ज है। दूसरी ओर, WinZO प्लेटफॉर्म पर 100 से ज्यादा गेम्स पेश करता है, जो 15 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। इसके गेम्स तीसरे पक्ष के डेवलपर्स द्वारा बनाए जाते हैं और कंपनी का ग्लोबल विस्तार भी है।
गेमिंग कंपनियों पर सख्त नजर
ED की यह मेगा रेड इस बात का संकेत है कि सरकार डिजिटल गेमिंग कंपनियों की एक्टिविटी पर सख्ती से नजर रख रही है। एजेंसी ने तलाशी के दौरान सभी दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड्स जब्त किए हैं, ताकि जांच में यह पता लगाया जा सके कि क्या खिलाड़ियों को जानबूझकर हानि पहुंचाई गई और कंपनी द्वारा धन शोधन किया गया।
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