दुनिया में जब भी आर्थिक या राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशकों की नजर सबसे पहले सोने पर जाती है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। फरवरी महीने में सोने की कीमत लगातार सातवें महीने बढ़ी, जो इतिहास में पहली बार हुआ है। इससे पहले सोने के दाम अधिकतम छह महीने तक लगातार बढ़े थे, लेकिन इस बार इसने नया रिकॉर्ड बना दिया है।
पिछले सात महीनों में सोने की कीमत में करीब 61 प्रतिशत की तेजी आई है। यानी औसतन हर महीने सोने का भाव लगभग 9 प्रतिशत तक बढ़ा है। वहीं अगर पूरे साल की बात करें तो इस साल अब तक सोने की कीमत करीब 20 प्रतिशत तक चढ़ चुकी है।
क्यों बढ़ रही है सोने की कीमत?
विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया के कई हिस्सों में राजनीतिक तनाव, युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने से निवेशक सुरक्षित निवेश की तलाश में हैं। ऐसे समय में सोना सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता है। जब भी वैश्विक बाजार में जोखिम बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार या अन्य जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सोने में लगाने लगते हैं। इसी कारण इसकी कीमत में तेजी आती है। इसके अलावा कई देशों के सेंट्रल बैंक भी बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे मांग बढ़ गई है और कीमतों को और मजबूती मिली है।
5 साल में 265% तक चढ़ा गोल्ड
साल 2020 से 2025 के बीच सोने की कीमत में लगभग 265 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। इस दौरान दुनिया के कई देशों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोने की खरीद बढ़ाई है। सोना खरीदने में चीन सबसे आगे रहा है। पिछले पांच वर्षों में चीन ने आधिकारिक तौर पर 357.1 टन सोना खरीदा। इसके बाद पोलैंड ने 314.6 टन, तुर्की ने 251.8 टन और भारत ने 245.3 टन सोना खरीदा।
कुछ देशों ने बेचा भी सोना
हालांकि कई देशों ने इस दौरान सोने की खरीद बढ़ाई, लेकिन कुछ देशों ने अपनी आर्थिक जरूरतों के चलते सोना बेचा भी है। इस सूची में फिलीपींस सबसे आगे रहा, जिसने करीब 65 टन सोना बेचा। इसके अलावा कजाकस्तान, श्रीलंका और जर्मनी जैसे देशों ने भी अपने गोल्ड रिजर्व में कमी की है।
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