A
Hindi News पैसा बिज़नेस लोन वसूली में बदतमीजी नहीं चलेगी, RBI के नए फरमान से रिकवरी एजेंट्स की छुट्टी! जानें 3 नए नियम

लोन वसूली में बदतमीजी नहीं चलेगी, RBI के नए फरमान से रिकवरी एजेंट्स की छुट्टी! जानें 3 नए नियम

अगर आप लोन की किस्त चूक जाने पर रिकवरी एजेंट के फोन कॉल, धमकी या बार-बार की परेशानियों से जूझ चुके हैं, तो अब राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब लोन वसूली के नाम पर बदसलूकी, दबाव और डराने-धमकाने का दौर खत्म होने वाला है।

लोन रिकवरी एजेंट्स की...- India TV Paisa Image Source : CANVA लोन रिकवरी एजेंट्स की मनमानी पर लगेगा ब्रेक

अगर आप लोन की किस्त चूक जाने पर लगातार फोन कॉल, धमकी भरे मैसेज या रिकवरी एजेंट की बदतमीजी से परेशान रहते हैं, तो अब राहत की खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि बैंकिंग ग्राहकों को बेहतर प्रोटेक्शन देने के लिए तीन नए ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी किए जाएंगे। इन नियमों का मकसद साफ है कि ग्राहकों का शोषण रोकना और बैंकिंग सिस्टम में भरोसा मजबूत करना।

लोन रिकवरी एजेंट्स पर कसेगी लगाम

RBI का दूसरा और सबसे अहम प्रस्ताव लोन रिकवरी से जुड़ा है। नए दिशानिर्देशों के तहत बैंक और वित्तीय संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि रिकवरी एजेंट ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार न करें। लोन वसूली के नाम पर डराना, धमकाना या मानसिक उत्पीड़न करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर कोई रिकवरी एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो संबंधित बैंक या संस्था पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।

गलत प्रोडक्ट बेचने पर होगी कार्रवाई

पहला नियम ग्राहकों को गलत या अनावश्यक फाइनेंशियल प्रोडक्ट बेचने से लिंक है। RBI ने साफ किया है कि बैंक या NBFC ग्राहक की जरूरत, आय और जोखिम क्षमता को नजरअंदाज कर कोई प्रोडक्ट नहीं बेच सकेंगे। अगर ऐसा किया गया, तो नियामक कार्रवाई तय मानी जाएगी। इससे खासतौर पर उन ग्राहकों को फायदा होगा, जिन्हें अक्सर जटिल और जोखिमभरे निवेश या बीमा उत्पाद थमा दिए जाते हैं।

फ्रॉड में ग्राहक की जिम्मेदारी होगी सीमित

तीसरा नियम डिजिटल बैंकिंग से जुड़ा है। अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन यानी ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में अब ग्राहक की देनदारी सीमित रहेगी। अगर खाते से बिना अनुमति के पैसे निकल जाते हैं, तो ग्राहक को एक तय सीमा तक ही जिम्मेदार माना जाएगा। RBI के प्रस्ताव के अनुसार, ऐसे मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिल सकता है।

डिजिटल बैंकिंग में सुरक्षा होगी मजबूत

RBI ने यह भी संकेत दिया है कि डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा को लेकर एक डिस्कशन पेपर जारी किया जाएगा। इसमें वरिष्ठ नागरिकों जैसे सेंसिटिव सेक्शन के लिए एक्स्ट्रा ऑथेंटिकेशन और लेट क्रेडिट जैसे उपायों पर विचार किया जा रहा है, ताकि धोखाधड़ी के मामलों को रोका जा सके।

क्यों जरूरी थे ये नए नियम?

ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ फ्रॉड और ग्राहक उत्पीड़न के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। RBI का मानना है कि इन नए दिशानिर्देशों से न सिर्फ ग्राहकों को राहत मिलेगी, बल्कि बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता और भरोसा भी बढ़ेगा।

Latest Business News