MPC से पहले बड़ा संकेत: RBI बढ़ा सकता है GDP ग्रोथ का अनुमान, महंगाई पर लगेगी लगाम!
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक से पहले अर्थशास्त्रियों और निवेशकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि RBI अपने मैक्रोइकॉनॉमिक अनुमान में बड़े बदलाव कर सकता है।

देश की आर्थिक नब्ज एक बार फिर तेज धड़कने लगी है। शुक्रवार को होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक से पहले ऐसा माहौल बन गया है कि बाजार में उम्मीदों की बारिश होने वाली है। अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई बड़ी रिपोर्टों और आंकड़ों ने इस बार RBI को मजबूती से अपना रुख बदलने का संकेत दिया है, जहां ग्रोथ को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं, वहीं महंगाई पर काबू पाने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
ग्रोथ अनुमान बढ़ने और महंगाई घटने की पूरी तैयारी
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI शुक्रवार को अपने मैक्रोइकोनॉमिक प्रोजेक्शंस में बड़ा बदलाव कर सकता है। लगभग सभी अर्थशास्त्रियों की सहमति है कि केंद्रीय बैंक FY26 के लिए ग्रोथ अनुमान बढ़ा सकता है और महंगाई प्रोजेक्शन को कम कर सकता है। सितंबर तिमाही में GDP ग्रोथ अनुमान से ज्यादा मजबूत रही और महंगाई में भी तेजी से नरमी देखने को मिली। इसी वजह से विश्लेषकों को उम्मीद है कि RBI महंगाई अनुमान को 2.6% से घटाकर लगभग 1.8-2% कर सकता है। वहीं, ग्रोथ अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7% से ऊपर ले जाया जा सकता है।
RBI की लगातार बदली रणनीति
RBI पिछले कुछ महीनों में लगातार महंगाई का अनुमान कम करता जा रहा है। फरवरी में FY26 की महंगाई 4.2% बताई गई थी, जिसे अक्टूबर में घटाकर 2.6% किया गया, और अब इसे और नीचे लाने की तैयारी है। RBI की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने भी कहा कि भारत में महंगाई का अनुमान लगाना मुश्किल है क्योंकि CPI में खाद्य पदार्थों का वजन ज्यादा है और उनकी कीमतें बेहद अस्थिर रहती हैं।
क्यों घट रही है महंगाई?
अक्टूबर में CPI महंगाई 0.25% रही, जो वर्तमान सीरीज में सबसे कम है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं, पहला सब्जियों की कीमतों में नौ महीने से लगातार गिरावट और दूसरा GST में कटौती से कई रोजमर्रा की चीजों के दाम नीचे आए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नवंबर और दिसंबर में भी CPI 1% से नीचे रह सकती है, जिससे RBI के अनुमान और भी नीचे जा सकते हैं।
ग्रोथ को क्या दे रहा है ताकत?
अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि Q2 में GST कटौती के बाद मांग में जो उछाल आया, उसका असर Q3 में भी दिखाई देगा। क्रेडिट ग्रोथ में मजबूती, टैक्स कलेक्शन में तेजी, नॉन-ऑयल-नॉन-गोल्ड इम्पोर्ट्स में उछाल और ऑटो सेल्स में बढ़त इन सभी संकेतों से आर्थिक गतिविधियां बेहतर होती दिख रही हैं। हालांकि, निर्यात और टैरिफ दबाव अभी भी ग्रोथ के सामने चुनौती बने हुए हैं।
MPC में क्या होगा?
अगर RBI शुक्रवार को ग्रोथ का अनुमान बढ़ाता है और महंगाई का अनुमान घटाता है, तो इसका सीधा मतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ रही है और महंगाई पर भी सरकार और RBI का कंट्रोल मजबूत हो रहा है।