भारत के आर्थिक भविष्य और टेक्नोलॉजी की ताकत को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है। दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैक रॉक के CEO लैरी फिंक के साथ खास बातचीत में अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में भारत में रिलायंस जैसी 100 नई बड़ी कंपनियां खड़ी होंगी। उन्होंने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यही तकनीक आगे चलकर करोड़ों नई नौकरियों का रास्ता खोलेगी।
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जो नई तकनीक को सबसे तेजी और बेहतर तरीके से अपनाते हैं। डिजिटल पेमेंट, इंटरनेट और मोबाइल टेक्नोलॉजी इसके बड़े उदाहरण हैं। ऐसे में AI भारत के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास का बड़ा अवसर है। ब्लैक रॉक के CEO लैरी फिंक ने भी इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि भारत की युवा आबादी AI को अपनाकर इसे ग्रोथ का इंजन बना सकती है।
निवेश का असली मंत्र: कंपाउंडिंग
निवेश को लेकर अंबानी ने भारतीयों को साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बैंक में साधारण ब्याज पर पड़ा पैसा असली कमाई नहीं देता। असली ताकत शेयर बाजार और निवेश में छिपी कंपाउंडिंग में है। हर भारतीय को मुनाफे पर मुनाफा कमाने की सोच अपनानी चाहिए, ताकि उनकी बचत भविष्य में बड़ा धन बन सके।
अगले 10 सालों में तेज रफ्तार से बढ़ेगा भारत
लैरी फिंक ने भरोसा जताया कि भारत अगले एक दशक तक 8% से 10% की दर से आर्थिक विकास करता रहेगा। वहीं अंबानी ने कहा कि इसी दौरान भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। मजबूत नीतियां, स्थिर सरकार और बढ़ता निवेश भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं।
100 नई ‘रिलायंस’ का सपना
भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बात करते हुए अंबानी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था अब फल देने लगी है। सही नीतियों और उद्यमिता के दम पर आने वाले वर्षों में भारत में 100 नई रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां उभरेंगी, जो रोजगार और निवेश दोनों बढ़ाएंगी।
म्यूचुअल फंड और निवेश का भविष्य
जियो-ब्लैक रॉक साझेदारी पर अंबानी ने कहा कि भारत में दशकों से बचत तो होती रही है, लेकिन उसे सही तरीके से निवेश में नहीं बदला गया। इस साझेदारी का मकसद लोगों की बचत को प्रोडक्टिव बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले पांच सालों में भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है।
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