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Hindi News पैसा बिज़नेस नौकरी छोड़ी हो या निकाले गए हो, अब 2 दिन में होगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट! नए लेबर लॉ ने बदल दिया खेल

नौकरी छोड़ी हो या निकाले गए हो, अब 2 दिन में होगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट! नए लेबर लॉ ने बदल दिया खेल

नौकरी छोड़ने के बाद महीनों तक फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के लिए इंतजार… HR को बार-बार मेल… अकाउंट में पैसे कब आएंगे की टेंशन, अब ये सब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। नए लेबर कोड के साथ कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी राहत सामने आई है।

कर्मचारियों के लिए...- India TV Paisa Image Source : CANVA कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं या ऑफिस पर किसी भी वजह से जॉब छोड़नी पड़ सकती है, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। महीनों तक फुल एंड फाइनल (FnF) का इंतजार करने वाले कर्मचारियों के लिए सरकार ने खेल पूरी तरह बदल दिया है। नए लेबर कोड के लागू होते ही अब कंपनियों को सिर्फ दो वर्किंग डे के अंदर आपका फुल एंड फाइनल भुगतान करना होगा।

क्या है नया नियम?

नए वेज कोड के तहत, अब सभी प्रकार के कर्मचारियों को उनके फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की राशि अधिकारिक तौर पर दो वर्किंग डे के अंडर देनी होगी। बीटीजी अद्वय के पार्टनर अर्जुन पलेरी के मुताबिक, वेज कोड 2019 की धारा 17(2) में साफ कहा गया है कि कर्मचारी के आखिरी काम वाले दिन के बाद अगले दो वर्किंग डे में उसकी पूरी बकाया सैलरी देनी जरूरी है। इसमें आपकी सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा और बाकी देय रकम शामिल होगी। हालांकि, ग्रेच्युटी जैसी कुछ राशि अभी भी अलग नियमों के तहत तय समय पर ही दी जाएगी।

पहले कंपनियां करती थीं देरी

अब तक कंपनियों के पास फुल एंड फाइनल जारी करने के लिए 30 दिनों तक की छूट थी। कई बार ये प्रक्रिया और भी लंबी हो जाती थी क्योंकि FnF में कई बकाया जैसे लीव एनकैशमेंट, पेंडिंग बोनस और ग्रेच्युटी शामिल होते थे। कंपनियां अक्सर सभी भुगतान को एक ही बार में निपटाने की कोशिश करती थीं, जिससे कर्मचारियों को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था।

नए लेबर कोड ने खत्म की असमानता

लक्ष्मीकुमारण एंड श्रीधरन के एग्जीक्यूटिव पार्टनर आशीष फिलिप बताते हैं कि नया श्रम कानून सभी कर्मचारियों पर एक समान तरीके से लागू होता है। चाहे कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा दे, निकाला जाए, डिसमिस किया जाए या फिर रिट्रेंचमेंट हो हर स्थिति में 48 घंटे के भीतर FnF अनिवार्य है। यह पहले की तुलना में बेहद बड़ा बदलाव है, जब कंपनियों के पास 1 महीने तक का समय होता था।

कर्मचारियों के लिए बड़ा फायदा

  • अब लंबा इंतजार खत्म
  • कंपनियां वेतन रोक नहीं पाएंगी
  • नौकरी बदलना होगा आसान
  • आर्थिक असुरक्षा में कमी
  • कंपनियों के लिए जिम्मेदारी बढ़ी

सरकार के इस नए नियम से कंपनियों को अपनी HR और पे-रोल प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना होगा। देरी पर कार्रवाई भी संभव है, जिससे नियम और भी सख्त हो गया है।

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