₹15,000 करोड़ का तलाक और बेवफाई के आरोप! Zoho फाउंडर श्रीधर वेम्बु की पत्नी ने खोले ऐसे राज कि हिल गया कॉरपोरेट जगत।
भारत की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho Corporation के फाउंडर और अरबपति उद्यमी श्रीधर वेम्बु एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कारोबारी उपलब्धियां नहीं, बल्कि 30 साल पुरानी शादी का हाई-प्रोफाइल तलाक विवाद है।
भारत की टॉप टेक कंपनियों में शुमार जोहो कॉर्पोरेशन के फाउंडर श्रीधर वेम्बु एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई बिजनेस उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी 30 साल पुरानी शादी का हाई-प्रोफाइल तलाक विवाद है। अमेरिका में चल रही इस कानूनी लड़ाई ने तब और सनसनी मचा दी, जब एक यूएस कोर्ट ने कथित तौर पर वेम्बु को $1.7 बिलियन (करीब ₹15,000 करोड़) का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया। हालांकि, वेम्बु के वकील ने इसे अपील के दायरे में बताया है।
अमेरिका में शुरू हुई थी लव स्टोरी
श्रीधर वेम्बु 1989 में पीएचडी करने के लिए अमेरिका पहुंचे थे। 1993 में उनकी शादी प्रमिला श्रीनिवासन से हुई, जो खुद इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं और अमेरिका में पली-बढ़ी हैं। कैलिफोर्निया में रहते हुए दोनों ने साथ जिंदगी बसाई और 1996 में वेम्बु ने अपने भाइयों और मित्र टोनी थॉमस के साथ AdventNet (बाद में Zoho) की नींव रखी। समय के साथ दंपती के एक बेटे का जन्म हुआ, जिसे ऑटिज्म होने का पता चला। इसके बाद प्रमिला ने ऑटिज्म रिसर्च के लिए दा ब्रेन फाउंडेशन की शुरुआत की। लेकिन साल 2020 के आसपास उनकी शादी में दरारें गहरी होने लगीं।
कब बिगड़ा रिश्ता?
नवंबर 2020 में श्रीधर वेम्बु ने कथित तौर पर व्हाट्सऐप के जरिए तलाक की इच्छा जताई। अगस्त 2021 में कानूनी तौर पर तलाक की प्रक्रिया शुरू हुई। इससे पहले 2019 में वेम्बु अमेरिका छोड़कर तमिलनाडु के माथलमपरई गांव में शिफ्ट हो गए थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटा अमेरिका में ही रहे।
पत्नी के गंभीर आरोप
प्रमिला श्रीनिवासन ने कोर्ट में आरोप लगाया कि वेम्बु ने उन्हें और उनके ऑटिस्टिक बेटे को अमेरिका में छोड़ दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि Zoho से जुड़ी कीमती शेयरहोल्डिंग और बौद्धिक संपदा (IP) को वेम्बु ने अपने भाई-बहनों को ट्रांसफर कर दिया, जो कैलिफोर्निया के कम्युनिटी प्रॉपर्टी कानून का उल्लंघन है। इस कानून के तहत तलाक की स्थिति में संपत्ति का बंटवारा 50-50 होना चाहिए।
वेम्बु ने आरोपों को बताया झूठा
श्रीधर वेम्बु ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 2023 में X (पूर्व में ट्विटर) पर उन्होंने लिखा कि ये दावे पूरी तरह काल्पनिक हैं। उनका कहना है कि वे पत्नी और बेटे को पूरा आर्थिक सहयोग दे रहे हैं, अपनी अमेरिकी सैलरी उन्हें भेजते हैं और घर भी उनके नाम कर चुके हैं। Zoho द्वारा प्रमिला की फाउंडेशन को समर्थन देने की बात भी उन्होंने कही।
अरबों की संपत्ति दांव पर
नवंबर 2024 में प्रमिला की याचिका के बाद $1.7 बिलियन बॉन्ड ऑर्डर सामने आया, जिसे जनवरी 2025 में वेम्बु ने चुनौती दी। फिलहाल, Zoho की ओनरशिप और अरबों की संपत्ति इस तलाक केस का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। यह मामला न सिर्फ एक निजी विवाद है, बल्कि भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए भी एक बड़ी चर्चा का विषय बन चुका है।
