SEBI की सख्ती से डिजिटल गोल्ड बाजार धड़ाम! नवंबर में भारी गिरावट, निवेशकों का भरोसा टूटा
भारत में डिजिटल गोल्ड की चमक इस बार नवंबर में अचानक फीकी पड़ गई। जहां साल 2025 में हर महीने डिजिटल गोल्ड की खरीद लगातार बढ़ रही थी, वहीं SEBI की एक चेतावनी ने पूरा गेम बदल दिया।
भारत में डिजिटल तरह से किया जाने वाला निवेश तेजी से बढ़ रहा था, खासकर डिजिटल गोल्ड लोगों की पहली पसंद बन गया था। UPI से भुगतान आसान था, छोटी-सी रकम में भी सोना खरीदा जा सकता था और यह तुरंत मिल जाता था, जिसकी वजह से यह तरीका लोगों को काफी पसंद आया। लेकिन नवंबर 2025 में हालात अचानक बदल गए। SEBI की सख्त चेतावनी के बाद डिजिटल गोल्ड की खरीद काफी कम हो गई और निवेशक इस नए तरह के निवेश को लेकर उलझन में पड़ गए।
नवंबर 2025 में डिजिटल गोल्ड की मांग में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, UPI के जरिए डिजिटल गोल्ड की खरीद 47% गिरकर 1215.36 करोड़ रुपये रह गई, जबकि अक्टूबर में यही खरीदी 2290.36 करोड़ रुपये के पार थी। यह इस साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट मानी जा रही है और बाजार के लिए यह बड़ा झटका है।
सेबी की चेतावनी
SEBI की चेतावनी को इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। SEBI ने साफ कहा है कि डिजिटल गोल्ड उसके नियमों के तहत नहीं आता। इसलिए इसमें निवेश करने पर आपको वह सुरक्षा या भरोसा नहीं मिलता जो गोल्ड ETF या सोवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे सरकारी तौर पर नियंत्रित निवेशों में मिलता है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि SEBI फिनटेक कंपनियों के गोल्ड वॉल्ट्स की जांच भी नहीं कर सकता। इसका मतलब है कि निवेशकों के नाम पर जो सोना रखा गया है, वह वास्तव में वहां है या नहीं, और उसकी क्वालिटी सही है या नहीं इसकी कोई पक्की गारंटी नहीं है।
बड़े निवेशकों पर चेतावनी का असर ज्यादा
चेतावनी का असर बड़े निवेशकों पर सबसे ज्यादा पड़ा। पहले जहां लाखों में डिजिटल गोल्ड खरीदा जा रहा था, अब निवेशक छोटी-छोटी रकम में ही खरीदारी कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि मूल्य में भले भारी गिरावट आई हो, लेकिन नवंबर में डिजिटल गोल्ड की खरीद की कुल मात्रा 6.44% बढ़कर 12.34 करोड़ यूनिट हो गई। इसका साफ मतलब है कि लोग भरोसा तोड़ नहीं रहे, लेकिन भारी रकम लगाने से बच रहे हैं।
एक्सपर्ट की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल गोल्ड उनकी जरूरतों के हिसाब से ठीक है जो छोटी राशि में नियमित निवेश करना चाहते हैं। लेकिन यदि कोई सुरक्षित, पारदर्शी और लंबी अवधि का गोल्ड निवेश चाहता है, तो गोल्ड ETF, एक्सचेंज ट्रेडेड गोल्ड रिसीट्स और SGB कहीं ज्यादा बेहतर और सुरक्षित हैं, क्योंकि ये रेगुलेटेड होते हैं।
