फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी (Swiggy) एक बार फिर सुर्खियों में है। कंपनी अब एक बड़ा फंडिंग प्लान यानी 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कंपनी के बोर्ड ने 7 नवंबर को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम स्विगी के IPO से पहले की बड़ी रणनीतिक तैयारी हो सकती है, जिससे कंपनी अपनी बैलेंस शीट मजबूत करने और नए बिजनेस मॉडल को विस्तार देने की दिशा में बढ़ रही है।
कंपनी ने कहा है कि यह फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) या अन्य पब्लिक और प्राइवेट ऑफरिंग्स के जरिए एक या एक से ज्यादा राउंड में जुटाया जाएगा। हालांकि, प्रस्ताव पर अब भी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और रेगुलेटरी क्लीयरेंस मिलना बाकी है। फिलहाल, स्विगी का मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। आमतौर पर बड़ी कंपनियां म्यूचुअल फंड्स जैसे इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स से कैपिटल जुटाने के लिए QIP रूट का इस्तेमाल करती हैं।
वित्तीय स्थिति में सुधार की कोशिशें
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में स्विगी को 1092 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ, जो एक साल पहले 626 करोड़ रुपये था। हालांकि कंपनी की ऑपरेशंस से रेवेन्यू में तेज उछाल देखने को मिला, जो 3601 करोड़ से बढ़कर 5561 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे साफ है कि स्विगी अपने बिजनेस वॉल्यूम को लगातार बढ़ा रही है, भले ही फिलहाल घाटा बना हुआ हो।
शेयर मार्केट में गिरावट, लेकिन ब्रोकरेज हाउस हैं पॉजिटिव
स्विगी का शेयर शुक्रवार को बीएसई पर 401.60 रुपये पर बंद हुआ। साल 2025 में यह अब तक करीब 26% गिर चुका है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस इसका भविष्य उज्जवल मान रहे हैं। ICICI सिक्योरिटीज ने स्विगी के शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए 740 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है, वहीं मोतीलाल ओसवाल ने 550 रुपये का टारगेट तय किया है।
बिजनेस री-स्ट्रक्चरिंग और नए प्लान्स
स्विगी अब अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस इंस्टामार्ट को अलग यूनिट स्विगी इंस्टामार्ट प्राइवेट लिमिटेड में ट्रांसफर कर रही है। यह स्विगी की 100% सब्सिडियरी होगी। इस कदम को कंपनी ने सितंबर में बोर्ड की मंजूरी दिलाई थी। इसी साल सितंबर में कंपनी ने बाइक-टैक्सी सर्विस रैपिडो में अपनी पूरी हिस्सेदारी 2400 करोड़ रुपये में बेच दी थी। स्विगी ने अप्रैल 2022 में Rapido में 12% हिस्सेदारी करीब 1000 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
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