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Hindi News पैसा बाजार ये 5 सेक्टर बना सकते हैं आम आदमी को करोड़पति, कम पूंजी में बड़े बिजनेस का मौका!

ये 5 सेक्टर बना सकते हैं आम आदमी को करोड़पति, कम पूंजी में बड़े बिजनेस का मौका!

अब स्टार्टअप का मतलब सिर्फ फिनटेक, ई-कॉमर्स या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नहीं रह गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 तक कुछ ऐसे सेक्टर तेजी से उभरेंगे, जहां प्रतिस्पर्धा कम है, निवेश भी सीमित है और मुनाफे की संभावनाएं कहीं ज्यादा हैं।

5 बेस्ट स्टार्टअप...- India TV Paisa Image Source : CANVA 5 बेस्ट स्टार्टअप आइडिया

आज नेशनल स्टार्टअप डे है और यह दिन सिर्फ बड़े स्टार्टअप फाउंडर्स या टेक जीनियस के लिए नहीं, बल्कि हर उस आम नागरिक के लिए खास है, जो नौकरी से आगे बढ़कर खुद का कुछ करना चाहता है। अब तक स्टार्टअप की बात आते ही फिनटेक, ई-कॉमर्स या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर सामने आते थे, जहां पहले से ही जबरदस्त प्रतिस्पर्धा है। लेकिन 2026 की तस्वीर कुछ और कहती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले सालों में कुछ ऐसे सेक्टर तेजी से उभरेंगे, जहां कम निवेश, बेसिक स्किल्स और सरकारी सपोर्ट के साथ आम आदमी भी बड़ा बिजनेस खड़ा कर सकता है। सरकार की स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत 20 लाख रुपये तक की ग्रांट और ASPIRE जैसी योजनाएं खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए नए रास्ते खोल रही हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 सेक्टर, जिन्हें 2026 की गोल्डन स्टार्टअप अपॉर्च्युनिटी माना जा रहा है।

1. क्लाउड किचन और लोकल फूड डिलीवरी

छोटे शहरों और कस्बों में आज भी होम-स्टाइल खाने की डिमांड बहुत ज्यादा है। यहां 50 हजार रुपये से 1 लाख रुपये के कैपिटल से क्लाउड किचन शुरू किया जा सकता है। लोकल स्वाद और घरेलू खाने की पहचान बनाकर फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए नेटवर्क बढ़ाया जा सकता है। अनुमान है कि 2026 तक फूड डिलीवरी मार्केट 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

2. ऑनलाइन ट्यूशन और रूरल एडटेक

टियर-3 और ग्रामीण इलाकों में लोकल भाषा में पढ़ाई की भारी कमी है। सिर्फ स्मार्टफोन और इंटरनेट से 5000 से 25,000 रुपये में ऑनलाइन क्लास शुरू की जा सकती है। डिजिटल इंडिया के सपोर्ट के साथ 2026 तक भारत का एडटेक मार्केट 10 बिलियन डॉलर का हो सकता है।

3. ई-कॉमर्स ड्रॉपशिपिंग और रीसेलिंग

बिना स्टॉक रखे ऑनलाइन प्रोडक्ट बेचने का मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। 15,000 से 75,000 रुपये में लोकल हैंडीक्राफ्ट, कपड़े या एग्री-प्रोड्यूस को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बेचा जा सकता है और ग्लोबल कस्टमर तक पहुंच बनाई जा सकती है।

4. रूरल हेल्थ-टेक और टेलीमेडिसिन

गांवों में डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या है। टेलीमेडिसिन ऐप्स और लोकल हेल्थ वर्कर्स के जरिए कम लागत में हेल्थ सर्विस शुरू की जा सकती है। 2026 तक हेल्थ-टेक सेक्टर का साइज 60 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

5. सस्टेनेबल वेस्ट मैनेजमेंट और रिसाइक्लिंग

कचरे से कमाई का मॉडल अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। 1-2 लाख रुपये की शुरुआती लागत से प्लास्टिक या वेस्ट रिसाइक्लिंग यूनिट शुरू की जा सकती है। क्लीन-टेक सेक्टर 2026 तक 15 बिलियन डॉलर का हो सकता है।

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