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Hindi News पैसा बाजार Rule of 72: अमीर लोग इसी फॉर्मूले से बनाते हैं पैसा! जानिए कैसे आप भी बन सकते हैं करोड़पति

Rule of 72: अमीर लोग इसी फॉर्मूले से बनाते हैं पैसा! जानिए कैसे आप भी बन सकते हैं करोड़पति

अगर आप यह सोचते हैं कि अमीर लोग कैसे बिना किसी जादू के अपनी संपत्ति तेजी से बढ़ा लेते हैं, तो इसका जवाब है “रूल ऑफ 72”। यह कोई मुश्किल गणित नहीं, बल्कि एक बेहद आसान फॉर्मूला है, जो आपको बताता है कि आपकी इन्वेस्टमेंट कितने साल में दुगनी हो जाएगी।

निवेश की दुनिया का...- India TV Paisa Image Source : CANVA निवेश की दुनिया का सबसे आसान फॉर्मूला

अगर आप सोचते हैं कि अमीर लोग अपनी दौलत बढ़ाने के लिए हर बार कोई बड़ा रिस्क लेते हैं या किसी ‘जादुई’ इन्वेस्टमेंट का सहारा लेते हैं, तो आप गलत हैं। असली खेल किसी सीक्रेट स्कीम का नहीं, बल्कि टाइम और कंपाउंडिंग के उस नियम का है, जिसे फाइनेंशियल दुनिया में रूल ऑफ 72 कहा जाता है। यह एक ऐसा आसान फॉर्मूला है जो बताता है कि आपकी रकम कितने साल में दुगनी हो जाएगी और यकीन मानिए, इसे समझने वाले ही लंबी रेस में बाजी मारते हैं।

कंपाउंडिंग

अक्सर कहा जाता है कि कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि ब्याज दुनिया का आठवां अजूबा है। इसका मतलब यह है कि इसमें सिर्फ आपके पैसे पर ही नहीं, बल्कि उस पर मिलने वाले ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। धीरे-धीरे यह प्रक्रिया बर्फ के गोले की तरह बढ़ती जाती है और समय के साथ आपकी रकम बहुत तेजी से बढ़ने लगती है। चार्टर्ड अकाउंटेंट नितिन कौशिक के अनुसार, “रूल ऑफ 72 वही गणित है जो बचत करने वालों और निवेशकों में फर्क बताता है। ज़्यादातर लोग अंदाजा नहीं लगा पाते कि वक्त और ब्याज दर मिलकर उनके फाइनेंशियल फ्यूचर को कैसे बदल सकते हैं।”

क्या है रूल ऑफ 72?

इस फॉर्मूले के मुताबिक-
72 ÷ वार्षिक रिटर्न (%) = आपकी रकम दुगनी होने में लगने वाले सालों की संख्या

यानी अगर आपकी इन्वेस्टमेंट पर सालाना 8% रिटर्न मिल रहा है, तो आपकी रकम लगभग 9 साल में दोगुनी हो जाएगी। इसी तरह:

  • 2% पर पैसा 36 साल में दोगुना होगा
  • 4% पर 18 साल में
  • 8% पर 9 साल में
  • 10% पर 7.2 साल में
  • 12% पर सिर्फ 6 साल में

सिर्फ 4% का फर्क (8% से 12%) आपको 30 साल बाद तीन गुना ज्यादा पैसा दिला सकता है! यही है कंपाउंडिंग का असली कमाल।

छोटा फर्क, बड़ा असर

रूल ऑफ 72 यह मानता है कि रिटर्न्स हर साल कंपाउंड यानी जोड़ते जाते हैं, न कि सिर्फ साधारण ब्याज की तरह मिलते हैं। भले ही मार्केट में उतार-चढ़ाव, टैक्स या महंगाई का असर हो, लेकिन यह नियम एक बात साफ करता है कि टाइम और री-इन्वेस्टमेंट ही असली अमीरी का फॉर्मूला हैं। कौशिक के अनुसार, 1-2% की ब्याज दर का फर्क छोटा लगता है, लेकिन लंबे समय में यही फर्क आपकी फाइनेंशियल ग्रोथ को सालों आगे या पीछे कर सकता है।

धैर्य और अनुशासन का इनाम

रूल ऑफ 72 सिर्फ गणित नहीं, एक सोच है। यह सिखाता है कि अमीर बनने का रास्ता टाइमिंग द मार्केट नहीं, बल्कि टाइम इन द मार्केट’से गुजरता है। यानी मार्केट को हराने की नहीं, बल्कि उसमें टिके रहने की जरूरत है।

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