शेयर बाजार में सोमवार सुबह एक ऐसा उलटफेर देखने को मिला जिसने निवेशकों को चौंका दिया। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) ने भले ही दूसरी तिमाही में 2110% की चौंकाने वाली छलांग के साथ मुनाफा दर्ज किया हो, लेकिन इसके बावजूद शेयर 7% से ज्यादा फिसल गया। आखिर इतनी बड़ी कमाई के बाद भी कंपनी के शेयर में ऐसी गिरावट क्यों? बाजार के जानकार बताते हैं कि असल तस्वीर मुनाफे जितनी चमकदार नहीं है।
शेयर क्यों टूटा?
सोमवार, 17 नवंबर को TMPV का शेयर 363.15 रुपये के लो लेवल तक गिर गया, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस 391.60 रुपये से करीब 7.2% नीचे था। इसका सबसे बड़ा कारण कंपनी की लग्जरी यूनिट जगुआर लैंड रोवर (JLR) का कमजोर प्रदर्शन है, जो पूरे नतीजों पर भारी पड़ा। ब्रोकरेज हाउसों ने साफ कहा है कि भारतीय PV बिजनेस ठीक-ठाक रहा, लेकिन JLR अपने प्रमुख बाजारों में संघर्ष कर रहा है और साइबर अटैक ने इसकी कमर तोड़ दी। कई विश्लेषकों ने TMPV के डिमर्ज्ड स्टॉक को ‘Reduce’ या ‘Sell’ रेटिंग दी है।
2110% मुनाफे की हकीकत क्या है?
टाटा मोटर्स PV यूनिट ने Q2 में 76,170 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया, लेकिन इसमें वन टाइम नोशनल गेन 82,616 करोड़ रुपये शामिल है। यानी, अगर यह एक्सेप्शनल आइटम हटा दिया जाए तो कंपनी को असल में 6,368 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि, कंपनी ने पिछले साल इसी तिमाही में 3056 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इसके अलावा, राजस्व भी 13.5% घटकर 72,349 करोड़ रुपये रह गया।
JLR: गिरावट की सबसे बड़ी वजह
कंपनी का लग्जरी ब्रांड JLR Q2 में बुरी तरह प्रभावित रहा। JLR को इस तिमाही में 559 मिलियन पाउंड का घाटा हुआ। इसके अलावा, साइबर अटैक के चलते कई दिनों तक प्रोडक्शन भी रुका। कंपनी ने फिस्कल 2026 के टारगेट्स भी कम कर दिए है। पुराना मार्जिन टारगेट 5-7% था, लेकिन अब नया अनुमान 0-2% का ही है। इतना ही नहीं, JLR अब FY26 के लिए 2.2-2.5 बिलियन पाउंड का नेगेटिव फ्री कैश फ्लो मानकर चल रहा है। कंपनी ने यह भी बताया कि Q3 में भी साइबर घटना का असर रहेगा, हालांकि नवंबर में उत्पादन सामान्य हो चुका है।
इन्वेस्टर्स क्यों चिंतित?
TMPV की कमाई दिखाई भले ही आकर्षक रही हो, लेकिन असली बिजनेस प्रॉफिट दबाव में है। JLR की स्थिति खराब है और आगे भी अनिश्चितता बनी हुई है।इसीलिए निवेशकों ने मुनाफे के बावजूद TMPV से दूरी बनाई और शेयर ने आज सुबह ही तेज गिरावट दर्ज की।
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