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Hindi News पैसा बाजार कमजोर तिमाही नतीजे, फिर भी डिविडेंट का ऐलान... अचानक डिमांड में आया IT सेक्टर का ये स्टॉक

कमजोर तिमाही नतीजे, फिर भी डिविडेंट का ऐलान... अचानक डिमांड में आया IT सेक्टर का ये स्टॉक

आईटी सेक्टर में जब निवेशक सुस्ती और दबाव की बात कर रहे हैं, उसी बीच देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने बाजार को चौंकाने वाला संकेत दिया है। दिसंबर 2025 तिमाही में मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी ने न सिर्फ डिविडेंड का ऐलान किया, बल्कि इसके शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली।

डिविडेंड ऐलान से फोकस...- India TV Paisa Image Source : CANVA डिविडेंड ऐलान से फोकस में आया IT शेयर

शेयर बाजार में कई बार आंकड़े कुछ और कहानी कहते हैं, लेकिन निवेशकों का भरोसा कुछ और संकेत देता है। ऐसा ही नजारा आईटी सेक्टर के एक स्टॉक में देखने को मिला है, जहां कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी ने डिविडेंड का ऐलान कर दिया। नतीजा यह हुआ कि बाजार खुलते ही इस शेयर में अचानक जबरदस्त मांग देखने को मिली। ये स्टॉक है दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो का, जिसने बाजार को चौंकाने वाला संकेत दिया है। दिसंबर 2025 तिमाही में मुनाफा घटने के बावजूद कंपनी ने न सिर्फ डिविडेंड का ऐलान किया, बल्कि इसके शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली। नतीजों से पहले ही शेयर करीब 3 फीसदी तक चढ़ गया, जिससे साफ हो गया कि बाजार ने कमजोर आंकड़ों के पीछे छिपी मजबूती को पहचान लिया है।

विप्रो को चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में 3119 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ। यह मुनाफा तिमाही आधार पर 4 फीसदी और सालाना आधार पर 7 फीसदी कम रहा। कंपनी ने बताया कि नए लेबर कोड्स से जुड़ी एडजस्टमेंट के कारण मुनाफे पर असर पड़ा। हालांकि, इन बदलावों को समायोजित करने के बाद नेट इनकम 3360 करोड़ रुपये रही, जिसमें सालाना और तिमाही दोनों आधार पर हल्की बढ़त दर्ज की गई।

रेवेन्यू में मजबूती

रेवेन्यू के मोर्चे पर विप्रो की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। आईटी सर्विसेज बिजनेस से कंपनी को ₹23,378 करोड़ का रेवेन्यू मिला, जो पिछली तिमाही की तुलना में 3.3 फीसदी ज्यादा है। कॉन्स्टैंट करेंसी के लिहाज से भी रेवेन्यू में तिमाही आधार पर 1.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि सालाना आधार पर इसमें हल्की गिरावट रही।

मार्जिन पर दबाव

ऑपरेटिंग लेवल पर कंपनी के मार्जिन में दबाव दिखा। आईटी सर्विसेज ईबीआईटी ₹3,573.5 करोड़ रहा और ईबीआईटी मार्जिन घटकर 15.3 फीसदी पर आ गया। इसके बावजूद कैश फ्लो मजबूत बना रहा। दिसंबर तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹4,259 करोड़ रहा, जो नेट इनकम का 135 फीसदी से ज्यादा है। यह आंकड़ा निवेशकों के लिए भरोसा जगाने वाला रहा।

डील बुकिंग स्थिर

डील बुकिंग्स के मोर्चे पर भी स्थिति स्थिर रही। तिमाही के दौरान कुल डील बुकिंग्स करीब 330 मिलियन डॉलर रही, जबकि बड़ी डील्स का आंकड़ा 90 मिलियन डॉलर के आसपास रहा। वहीं, कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के लिए आईटी सर्विसेज रेवेन्यू में 0 से 2 फीसदी तक की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान जताया है।

डिविडेंड ने बदला मूड

इन सबके बीच सबसे बड़ा सरप्राइज रहा डिविडेंड का ऐलान। विप्रो ने ₹2 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹6 का अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की, जिसकी रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 तय की गई है। इसी वजह से कमजोर नतीजों के बावजूद निवेशकों का भरोसा बना रहा और शेयर में अचानक डिमांड देखने को मिली। यही कारण है कि विप्रो एक बार फिर आईटी सेक्टर के चुनिंदा स्टॉक्स में चर्चा का केंद्र बन गया है।

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