नई दिल्ली। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने कोविड-19 के कारण मरने वाले अपने कर्मचारियों के परिवारों की मदद करने के लिए बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि वह अपने मृत कर्मचारियों के नामितों को अगले पांच सालों तक कर्मचारी द्वारा प्राप्त अंतिम सैलरी का भुगतान किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि वह ऐसे कर्मचारियों के बच्चों को कॉलेज से ग्रेजुएट होने तक शिक्षा का पूरा खर्च भी प्रदान करेगी।
कर्मचारियों को लिखे एक पत्र में आरआईएल के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी ने कहा कि कंपनी एक रिलायंस परिवार के अपने वादे को हमेशा पूरा करेगी और हमेशा परिवार को अपना समर्थन जारी रखेगी। पत्र में लिखा है कि भले ही ये समय बहुत अंधकारमय लग सकता है, हमेशा याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं और रिलायंस की पूरी संस्था आप और आपके परिवार के साथ हमेशा खड़ी है।
कंपनी ने कहा कि वह अपने मृत कर्मचारियों के बच्चों को ग्रेजुएट होने तक शैक्षणिक फीस, हॉस्टल खर्च और बुक्स के लिए आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी। कंपनी ने आगे कहा कि वह अपने मृत कर्मचारियों के जीवनसाथी, माता-पिता और बच्चों के अस्पताल में भर्ती होने के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम टैरिफ का 100 प्रतिशत खर्च भी वहन करेगी।
रिलायंस ने अपने ऑफ-रोल कर्मचारियों के लिए परिवार सहायता और कल्याण कार्यक्रम की घोषणा की है। मृत ऑफ-रोल कर्मचारी के नामित को 10 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कोविड-19 से प्रभावित सभी कर्मचारियों को स्वयं या परिवार के सदस्यों के कोविड-19 से प्रभावित होने पर रिकवरी में लगने वाले संपूर्ण समय को स्पेशल कोविड-19 अवकाश माना जाएगा और इसके लिए कोई वेतन कटौती नहीं की जाएगी।
अंबानी परिवार ने सभी से लड़ाई की भावना को न छोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि आगे अच्छे दिन जरूर आएंगे। बुधवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए आरआईएल ने कहा था कि मुकेश अंबानी ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए वित्त वर्ष 2020-21 में कोई वेतन नहीं लिया है। हालांकि, मैनेजिंग डायरेक्टर और पूर्ण-कालिक निदेशक निखिल आर मेसवानी और हीतल आर मेसवानी को कुल 24 करोड़ रुपये का वेतन दिया गया।
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