मुकेश अंबानी ने कहा कि आज भारत एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है। जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था 2.5% की दर से बढ़ रही है, वहीं भारत 8% की दर से तेजी से विकास कर रहा है। इस समय हमें उन तकनीकों और उद्योगों में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है, जो हमारे भविष्य को आकार देंगे।
2025-26 की पहली तिमाही में परिचालन से राजस्व 5.26 प्रतिशत बढ़कर 2.48 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 2.36 लाख करोड़ रुपये था।
मुकेश अंबानी ने कहा कि मेरे पिता कहा करते थे कि अगर आप अरबपति बनने के लिए कोई व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आप मूर्ख हैं; आप कभी वहां नहीं पहुंच पाएंगे। अगर आप एक अरब लोगों को प्रभावित करने वाला व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो आपके पास सफल होने का अच्छा मौका है। आप अच्छी खासी रकम कमा सकते हैं।
मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत एक अग्रणी डिजिटल देश बन गया है और कहानी कहने और डिजिटल टेक्नोलॉजी का मिश्रण भारत के लिए यूनीक है।
तीन मार्च, 2025 तक की गणना के अनुसार यह क्षतिपूर्ति या जुर्माना 3.1 करोड़ रुपये था। आरएनईबीएसएल ने उक्त माइलस्टोन-1 की के लिए समय बढ़ाने का अनुरोध किया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि दुनिया में सर्वश्रेष्ठ गीगा फैक्ट्री, दुनिया में सबसे बड़ी सोलर इनर्जी, दुनिया की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल फैक्ट्री भी जामनगर में रहेगी।
सितंबर तिमाही के दौरान भारती एयरटेल का समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) सालाना आधार पर 24.15 प्रतिशत बढ़कर 24,632.84 करोड़ रुपये रहा। जबकि रिलायंस जियो का एजीआर 14.19 प्रतिशत बढ़कर 27,652.68 करोड़ रुपये रहा।
शेयर बाजार निवेशक हैं तो आज आपको कुछ स्टॉक्स पर नजर रखनी चाहिए। रिजल्ट सीजन में ये स्टॉक्स में हलचल देखने को मिलेगी।
मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) की दूसरी तिमाही में आय में नरमी की संभावना है। ब्रोकरेज कंपनियों के औसत अनुमान के अनुसार, कंपनी की तिमाही के लिए शुद्ध लाभ में साल-दर-साल 10% तक की गिरावट देखी जा सकती है।
अंबानी ने कहा कि हम हाई क्लालिटी प्रोडक्ट्स और सर्विसेस उपलब्ध करने के कारोबार में हैं, जो भारतीय उपभोक्ताओं के लिए दक्षता, उत्पादकता और जीवन को आसान बनाते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारत दुनिया के लिए आकर्षक स्थल बना हुआ है।
आज 29 अगस्त को रिलायंस इंडस्ट्रीज की एनुअल मीटिंग आयोजित हुई। यह कंपनी की 47वीं जनरल मीटिंग थी। मीटिंग की शुरुआत में कंपनी के चेयरमेन मुकेश अंबानी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने जियो डेटा को लेकर कई सारी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हम वैल्यूड कस्टमर्स के आभारी हैं।
मार्केट कैप के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलांयस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की आज 47वीं वार्षिक आम बैठक शुरू हो चुकी है। देश के सबसे धनी व्यक्ति और कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के 35 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डरों को संबोधित कर रहे हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बीते दशक में तेल और रसायन के अपने मुख्य कारोबार के साथ दूरसंचार, खुदरा और वित्त कारोबार को भी जोड़ा है। जियो ने विश्व रिकॉर्ड समय में पूरे भारत में अपने ट्रू 5जी नेटवर्क को शुरू कर देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया है।
सूचना में कहा गया कि अल रुमय्यान की पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव के पक्ष में 83.97 प्रतिशत और खिलाफ 16.02 प्रतिशत मत पड़े। अल-रुमय्यन दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड में से एक सऊदी अरब के सार्वजनिक निवेश कोष के प्रमुख भी हैं।
रिलायंस और डिज्नी इंडिया ने अपने मीडिया कारोबार के मर्जर का ऐलान किया है। आइए 5 प्वाइंट्स में जानते हैं कि इसका क्या असर होगा।
RIL Share Price : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयर ने बुधवार को 2966.60 रुपये के साथ नया ऑल टाइम हाई लेवल बनाया है। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 20,04,402.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
सबसे मूल्यवान भारतीय सूचीबद्ध कंपनियों में, आरआईएल के बाद टाटा समूह की प्रमुख कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) है, जिसका करेंट सत्र तक बाजार पूंजीकरण 15.18 लाख करोड़ रुपये है। आरआईएल और टीसीएस के बीच मूल्यांकन अंतर अब बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
Reliance Share Price: रिलायंस इंडस्ट्री का शेयर में आज करीब 7 प्रतिशत की तेजी हुई। इसका मार्केटकैप 19.5 लाख करोड़ हो गया है।
Reliance Industries Limited Share price: रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान 2824 रुपये के नए रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये के पार जा पहुंचा है।
एलआईसी का बाजार मूल्यांकन बीते हफ्ते 67,456.1 करोड़ रुपये चढ़कर 5,92,019.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एलआईसी बुधवार को बाजार मूल्यांकन के हिसाब से एसबीआई को पीछे छोड़कर देश की सबसे मूल्यवान सरकारी कंपनी बन गई।
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