नए साल की शुरुआत के साथ ही तंबाकू उत्पादों के उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों के लिए झटका देने वाली खबर सामने आई है। सरकार ने सिगरेट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का असर सीधे बाजार और जेब पर दिखा है। इस फैसले के बाद जहां सिगरेट पीना महंगा होने वाला है, वहीं शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। खास तौर पर ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसे दिग्गज स्टॉक्स दबाव में आ गए।
1 जनवरी को ट्रेडिंग के दौरान ITC के शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर करीब 378 रुपये पर आ गए, जिससे यह निफ्टी-50 के टॉप लूजर्स में शामिल रहा। वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में और भी तेज गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 10 प्रतिशत तक फिसल गया। निवेशकों ने सरकार के टैक्स फैसले को देखते हुए तंबाकू सेक्टर के शेयरों में मुनाफावसूली की।
एक्साइज ड्यूटी लागू
दरअसल, संसद ने दिसंबर में केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अस्थायी लेवी की जगह स्थायी एक्साइज ड्यूटी लागू की गई है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 सिगरेट पर 2050 रुपये से लेकर 8500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगेगी। यह टैक्स 40 प्रतिशत जीएसटी के अलावा होगा।
कीमतों में तेज बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से 75 से 85 मिमी लंबाई वाली सिगरेटों की कुल लागत में 22 से 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि 75 मिमी से लंबी सिगरेटें ITC की कुल बिक्री का करीब 16 प्रतिशत हिस्सा हैं और इन पर प्रति सिगरेट 2 से 3 रुपये तक कीमत बढ़ सकती है। यानी आने वाले दिनों में सिगरेट के दाम साफ तौर पर ऊपर जाते दिखेंगे।
टैक्स बोझ बढ़ाने का मकसद
भारत में फिलहाल सिगरेट पर कुल टैक्स बोझ खुदरा कीमत का करीब 53 प्रतिशत है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के सुझाए गए 75 प्रतिशत स्तर से काफी कम है। सरकार का उद्देश्य तंबाकू खपत को हतोत्साहित करना और राजस्व बढ़ाना माना जा रहा है।
ITC के शेयर दबाव में
शेयरों की बात करें तो ITC पिछले पांच दिनों में करीब 6 प्रतिशत और छह महीनों में 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। वहीं गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद 2025 में अब तक मजबूत तेजी देखी गई थी।



































