सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में पर्सनल इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन सहित कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 26.97 लाख करोड़ रुपये रह सकता है।
सरकार ने दरअसल आज से नया एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर लागू कर दिया है। यह बदलाव आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालेगा। खासकर नियमित धूम्रपान करने वालों को अब ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।
नया टैक्स सिस्टम 1 फरवरी, 2026 से लागू होगी। मंत्रालय ने स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम को भी अधिसूचित किया है, जिसके तहत पान मसाला से जुड़े बिजनेस की मैन्यूफैक्चरिंग कैपेसिटी पर सेस लगाया जाएगा।
नए साल की शुरुआत के साथ ही सिगरेट पीने वालों और तंबाकू कंपनियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिला।
राज्य मंत्रिमंडल के आज के फैसलों से उत्पाद शुल्क और संबंधित करों के रूप में सालाना 14,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है।
सरकार की तरफ से किया गया यह फैसला वैश्विक तेल कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और ट्रम्प के टैरिफ के बीच लिया गया है।
Domestic Airlines Excise Duty: वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने इस पर साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए घरेलू एयरलाइंस पर यह उत्पाद शुल्क (Excise Duty) नहीं लागू होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) तेल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Petrol-Diesel Excise Duty) को लेकर वित्त मंत्रालय के साथ विचार विमर्श कर रहा है।
021 के बीच पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर 37,653.14 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क वसूला गया।
बियर शराब पीने वालों के लिए फिर बड़ी खबर है। शराब को लेकर नई नीति बुधवार से लागू हो रही है। इसमें क्या होगा इसकी जानकारी हम आपको इस खबर में देने जा रहे है।
अभी केंद्र द्वारा जुटाए गए कर का 41 प्रतिशत हिस्सा 14 किस्तों में राज्यों को दिया जाता है।
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने के बाद उत्पाद शुल्क केवल पेट्रोल, डीजल, एटीएफ और प्राकृतिक गैस पर लगाया जाता है। इन उत्पादों को छोड़कर अन्य सभी वस्तुएं और सेवाएं जीएसटी के तहत हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दर्पण वाधवा ने कहा कि नई आबकारी नीति में शराब की होम डिलीवरी शुरू की गई है, जिससे खुदरा विक्रेताओं के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
प्रशासन ने पिछले साल जून में शराब पर 25 प्रतिशत की दर से स्पेशल एक्साइज ड्यूटी लगाई थी। इसका उद्देश्य कोविड-19 से लड़ाई के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना था।
विशेषज्ञ समिति ने राजस्व में बढ़ोतरी के लिए दिल्ली सरकार को शराब की कीमत में 50 प्रतिशत वृद्धि करने के अलावा राज्य में ड्राई डे की संख्या घटाने का भी सुझाव दिया है ताकि शराब की बिक्री बढ़ाई जा सके।
नकदी संकट से जूझ रही केंद्र सरकार को पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी से चालू वित्त वर्ष में 1.6 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।
पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी की सीमा 18 रुपये और डीजल पर सीमा 12 रुपये हुई
सरकार ने आज शनिवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। सरकार ने अधिसूचना जारी करके यह जानकारी दी है।
इन सभी मामलों में ब्याज, जुर्माने या हर्जाने की कोई और देनदारी नहीं होगी। इसमें अभियोजन से भी पूरी माफी मिलेगी।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि सेवा कर और केंद्रीय उत्पाद शुल्क के पुराने विरासती मामलों को कम करने के लिए विवाद निपटान और माफी योजना एक सितंबर से चार महीने के लिए अमल में आ जायेगी।
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