Silver Price Outlook: इस साल चांदी की कीमतों में बेकाबू तेजी देखी जा रही है। सोमवार को वायदा बाजार में चांदी की कीमतें 6 प्रतिशत की तेजी के साथ 2.54 लाख रुपये प्रति किलो के भाव को पार कर गई। चांदी के साथ ही, इस साल सोने की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अब निवेशकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या साल 2025 में ताबड़तोड़ तेजी के बाद 2026 में भी चांदी की कीमतों में तेजी जारी रहेगी, अगर तेजी जारी रहती है तो अगले साल चांदी की कीमतें कहां तक पहुंच सकती हैं? वहीं, छोटे निवेशकों का सवाल है कि क्या अगले साल चांदी की कीमतों में गिरावट आएगी, और अगर आएगी तो कितनी? आम निवेशकों के इन्हीं सवालों के जवाब के लिए इंडिया टीवी ने केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर और दिग्गज एक्सपर्ट अजय केडिया से बातचीत की।
3,00,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है चांदी का भाव
अजय केडिया ने बताया कि चांदी की कीमत 2,54,174 रुपये पर पहुंच गई है और इस साल इसमें 175% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। ये तेजी स्ट्रक्चरल सप्लाई की कमी, बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और चांदी को US के जरूरी मिनरल के तौर पर पहचान मिलने की वजह आई है। सेंट्रल बैंक की लगातार खरीदारी, ETF में लगातार निवेश और 2026 में फेडरल रिजर्व द्वारा और आसानी की उम्मीदों ने चांदी की अपील को बढ़ाया है, क्योंकि कम ब्याज दरें बिना रिटर्न वाली एसेट्स के लिए फायदेमंद होती हैं। अजय केडिया का कहना है कि साल 2026 में चांदी की कीमतें 3,00,000 रुपये प्रति किलो के जादूई आंकड़े को पार कर सकती है।
2026 में 35 प्रतिशत तक गिर सकती हैं चांदी की कीमतें
हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि जिन वजहों से इस साल चांदी की कीमतों में बेहिसाब तेजी आई है, अगले साल वो वजहें काफी हद तक स्थिर हो जाएंगी। ऐसे में चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट भी देखी जा सकती है। बाजार के जाने-माने दिग्गज अजय केडिया ने बताया कि 2026 में चांदी की कीमतों में 30-35 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। अजय केडिया ने निवेशकों को सलाह दी है कि बड़ी गिरावट आने पर चांदी में फ्रेश इंवेस्टमेंट किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने म्यूचुअल फंड्स के जरिए सिल्वर ईटीएफ में एसआईपी करने की सलाह दी है जो उतार-चढ़ाव के बीच लॉन्ग टर्म में शानदार रिटर्न दे सकता है।