Knowledge Facts : आज के समय में जब भौगोलिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं ऐसे में कई लोग पहाड़, दर्रे और पठार में अंतर नहीं जानते हैं। आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। दरअसल, भूगोल की दुनिया में पहाड़ (माउंटेन), दर्रा (माउंटेन पास) और पठार (प्लेटो) तीन प्रमुख भू-आकृतियां हैं जो पृथ्वी की सतह को आकार देती हैं। ये एक-दूसरे से ऊंचाई, आकार, निर्माण प्रक्रिया और मानवीय उपयोग में काफी अलग हैं।
पहाड़ क्या होते हैं
पहाड़ या पर्वत पृथ्वी की सतह से काफी ऊंचे उठे हुए भू-भाग होते हैं, जिनकी ढलान तेज होती है और चोटी स्पष्ट दिखती है। सामान्यतः 600 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों को पहाड़ माना जाता है, हालांकि कोई सख्त वैश्विक परिभाषा नहीं है। यूएन पर्यावरण कार्यक्रम के अनुसार 1,000 मीटर से ऊंचे क्षेत्रों में ढलान 5 डिग्री या अधिक होने पर उन्हें पर्वतीय माना जाता है।
पहाड़ के बारे में रोचक तथ्य
- पहाड़ प्राय: टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर, ज्वालामुखी गतिविधि या ब्लॉक फॉल्ट्स से बनते हैं। हिमालय इंडो-ऑस्ट्रेलियन और यूरेशियन प्लेट की टक्कर से बना, जो आज भी ऊंचा हो रहा है।
- विशेषताओं की बात करें तो इनमें नुकीली चोटियां, तेज ढलान, ठंडा मौसम, बर्फीली चोटियां होती हैं। ऊंचाई बढ़ने से तापमान घटता है और पारिस्थितिकी ऊंचाई के अनुसार बदलती है।
- पहाड़ संसाधनों (खनिज, जल), पर्यटन और कृषि (ढलान वाली खेती) के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भूस्खलन और ठंडे मौसम चुनौती देते हैं।
दर्रे क्या होते हैं
दर्रा पहाड़ी श्रृंखला या रिज के बीच एक नेविगेबल गैप या सैडल पॉइंट होता है। यह पहाड़ों को पार करने का प्राकृतिक रास्ता प्रदान करता है। दर्रा खुद एक स्वतंत्र भू-आकृति नहीं, बल्कि पहाड़ों का हिस्सा है।
दर्रे के बारे में रोचक तथ्य
- दर्रे मुख्यतः नदी या ग्लेशियर के कटाव से बनते हैं। इसके लिए पानी या हवा उच्च भूमि को कमजोर कर गैप बनाती है। कुछ ज्वालामुखी चोटियों के बीच भी बनते हैं।
- विशेषताओं की बात करें तो ये सैडल आकार के होते हैं और आसपास की चोटियों से कम ऊंचाई होती हैं। ऊंचे दर्रों में 2,000 मीटर का रिलीफ अंतर हो सकता है।
- ये व्यापार, युद्ध और प्रवास के मार्ग रहे हैं। सर्दियों में बर्फ जमा हो जाती है। भारत में आपको खारदुंग ला दर्रा (लद्दाख), नाथूला (सिक्किम), जोजिला दर्रा आदि देखने को मिलेंगे।
- दर्रे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होते हैं। इनमें सैन्य, आर्थिक और पर्यटन गतिविधियां भी होती हैं।
पठार क्या होते हैं
पठार ऊंची, अपेक्षाकृत सपाट भूमि होती है, जो आसपास से खड़ी दीवारों या ढलानों से घिरी होती है। इसे टेबललैंड या हाई प्लेन भी कहते हैं। पहाड़ों से अलग, इनकी चोटी सपाट होती है।
पठार के बारे में रोचक तथ्य
- पठार का निर्माण प्राय: लावा के फैलने से (डेकन ट्रैप्स) होता है।
- आकार में टेक्टोनिक प्लेट मूवमेंट से उभार होता है और ग्लेशियर या नदियों से पुराने पहाड़ों का कटाव होता है।
- पठार इंटरमॉन्टेन (पहाड़ों के बीच, जैसे तिब्बती पठार), पिडमॉन्ट (पहाड़-प्लेन के बीच), कॉन्टिनेंटल (सपाट, जैसे ऑस्ट्रेलियन) होते हैं।
- विशेषताओं की बात करें तो ये सपाट सतह वाले होते हैं। इनमें खड़ी एस्कार्पमेंट और औसत ऊंचाई 300-600 मीटर या अधिक होती है।
- कृषि के लिए उपजाऊ (काली मिट्टी), लेकिन कटाव से घाटियां बन सकती हैं।
ये भी जानें
ये भू-आकृतियां आपस में जुड़ी हैं। जलवायु परिवर्तन इन पर प्रभाव डाल रहा है। जैसे- ग्लेशियर पिघलना, भूस्खलन बढ़ना आदि। गौरतलब है कि, पहाड़ ऊंचाई और सौंदर्य देते हैं, दर्रे जुड़ाव, पठार स्थिरता और उपजाऊ भूमि प्रदान करते हैं। भारत जैसे विविध देश में ये तीनों सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक महत्व रखते हैं।
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