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Zepto शुक्रवार को गोपनीय DRHP फाइल करेगा, 2026 में लिस्टिंग का है टारगेट, जानें कंपनी की करेंट वैल्यू

 Published : Dec 25, 2025 10:27 pm IST,  Updated : Dec 25, 2025 10:28 pm IST

ज़ेप्टो का आईपीओ सफल होता है, तो यह ज़ोमाटो और स्विग्गी जैसे अपने कॉम्पिटीटर के साथ जुड़ जाएगा, जो पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट हो चुके हैं। ज़ेप्टो की स्थापना स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ड्रॉपआउट्स आदित्य पालिचा और काईवल्य वोहरा ने की थी।

कंपनी ने भारत के प्रमुख शहरों में अपनी 10 मिनट की ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा को तेजी से फैलाया है।- India TV Hindi
कंपनी ने भारत के प्रमुख शहरों में अपनी 10 मिनट की ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा को तेजी से फैलाया है। Image Source : ZEPTO

क्विक कॉमर्स यूनिकॉर्न Zepto अगले साल भारतीय शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए तैयार है। कंपनी शुक्रवार, 26 दिसंबर को अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास गोपनीय तरीके से दाखिल करने का प्लान बना रही है, जिससे वह जल्द ही भारतीय शेयर बाजारों पर लिस्ट होने वाली सबसे युवा स्टार्टअप्स में शामिल हो सकती है। अगर ज़ेप्टो का आईपीओ सफल होता है, तो यह ज़ोमाटो और स्विग्गी जैसे अपने प्रतिद्वंद्वियों के साथ जुड़ जाएगा, जो पहले ही शेयर बाजार में लिस्ट हो चुके हैं। ज़ेप्टो के इस कदम से भारत के शेयर बाजार में एक और बड़ा नाम जुड़ने की संभावना है।

गोपनीय प्री-फाइलिंग का उद्देश्य

सूत्रों के अनुसार, ज़ेप्टो 26 दिसंबर को अपने DRHP को सेबी के पास गोपनीय तरीके से दाखिल करने के लिए तैयार है, और यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस गोपनीय प्री-फाइलिंग का उद्देश्य सेबी से शुरुआती प्रतिक्रिया प्राप्त करना है, जिससे कंपनी को अपने दस्तावेज में आवश्यक सुधार करने का मौका मिलेगा, बिना इसे सार्वजनिक रूप से जारी किए। यह तरीका उन कंपनियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है जो आईपीओ की प्रक्रिया में अधिक लचीलापन चाहती हैं और बाजार की स्थिति के अनुसार अपनी रणनीति को बदलने का समय पाना चाहती हैं।

कंपनी की कितनी है वैल्युएशन

ज़ेप्टो, जिसकी वर्तमान वैल्युएशन 7 अरब डॉलर (लगभग 56,000 करोड़ रुपये) है, अब तक कुल 1.8 अरब डॉलर (लगभग 16,000 करोड़ रुपये) की फंडिंग जुटा चुकी है। अक्टूबर 2025 में, कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज़ रिटायरमेंट सिस्टम के नेतृत्व में 450 मिलियन डॉलर (लगभग 3,757.5 करोड़ रुपये) की फंडिंग राउंड पूरी की, जिससे उसकी वैल्यूएशन 7 अरब डॉलर तक पहुंच गई। ज़ेप्टो ने अगस्त 2023 में अपनी सीरीज ई फंडिंग राउंड में 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,400 करोड़ रुपये) जुटाए थे, जिसके बाद उसकी वैल्यूएशन 1.4 अरब डॉलर थी और उसने यूनिकॉर्न स्टेटस हासिल किया।

ज़ेप्टो ने 1,000-1,100 करोड़ रुपये का नकद घाटा झेला

ज़ेप्टो की स्थापना स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ड्रॉपआउट्स आदित्य पालिचा और काईवल्य वोहरा ने की थी। इस कंपनी ने भारत के प्रमुख शहरों में अपनी 10 मिनट की ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा को तेजी से फैलाया है और अब तक 900 से अधिक डार्क स्टोर्स स्थापित किए हैं। सितंबर 2025 तक, ज़ेप्टो ने 1,000-1,100 करोड़ रुपये का नकद घाटा झेला, जबकि उसकी ग्रॉस सेल्स 3 अरब डॉलर (लगभग 26,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई थी। कंपनी के लिए ये आंकड़े एक प्रमुख मील का पत्थर हैं, जो उसे भारतीय और वैश्विक स्टार्टअप जगत में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में मदद कर रहे हैं।

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