Investment options in Gold and Silver: सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के साथ इसमें तेजी से निवेश भी बढ़ रहा है। सोने-चांदी में तेजी से बढ़ रहे निवेश के बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि अलग-अलग निवेश विकल्पों में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) एक बेहतर विकल्प है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ को बेहद कम पैसों में भी खरीदा जा सकता है, ईटीएफ के रखरखाव में कोई झंझट नहीं होती और काफी कम लेन-देन शुल्क के साथ आसानी से बेचने की भी सुविधा मिलती है। एक्सपर्ट्स ने ये भी कहा कि अगर आप फिजिकल गोल्ड-सिल्वर में निवेश करना चाहते हैं तो आभूषण से बेहतर सिक्के और बिस्कुट/ब्रिक हैं।
आभूषण खरीदने में मेकिंग चार्ज के रूप में एक मोटी रकम भी खर्च करनी होती है, जिससे आभूषण की कीमत काफी ज्यादा हो जाती है, जबकि बेचते समय आपको मेकिंग चार्ज का एक भी रुपया नहीं मिलता, लिहाजा निवेश के लिए ये एक अच्छा ऑप्शन नहीं है। बताते चलें कि इस साल सोने की कीमतों में अभी तक 82 प्रतिशत और चांदी की कीमतों में 175 प्रतिशत की तेजी आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 1 जनवरी को सोना 76,772 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 26 दिसंबर को 1,39,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 1 जनवरी को चांदी का भाव 87,300 रुपये प्रति किलो था, जो 26 दिसंबर को बढ़कर 2,40,300 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया।
निवेश के विकल्पों के बारे में मेहता इक्विटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी) राहुल कलंत्री ने कहा, ‘‘कीमती धातु में निवेश के लिए उपलब्ध अलग-अलग विकल्पों में गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ बेहतर विकल्प है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा, ‘‘जब सोना या चांदी में निवेश की बात करते हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप इसे किस रूप में रखते हैं। ये मूल रूप से आपके ज्ञान और खरीद के सबसे सुविधाजनक साधनों पर निर्भर करता है। अंततः, प्रत्येक व्यक्ति की पसंद उसके व्यक्तिगत लक्ष्यों, उपयोग की आवश्यकताओं और निवेश में बने रहने की अवधि के आधार पर अलग-अलग होगी।’’
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डायरेक्टर (कमोडिटी और करेंसी) नवीन माथुर ने कहा, ‘‘उपलब्ध निवेश विकल्पों में से गोल्ड/सिल्वर ईटीएफ अब तक का सबसे अच्छा निवेश विकल्प है। इसका कारण निवेश के लिए उपलब्ध कम मूल्यवर्ग की यूनिट्स, रखरखाव की कोई लागत न होने, अंतर्निहित ईटीएफ के माध्यम से शुद्धता की गारंटी, उच्च तरलता और कम लेनदेन लागत जैसे लाभ हैं।’’ गोल्ड/ सिल्वर ईटीएफ निवेश फंड हैं जिनका शेयर बाजारों में शेयरों की तरह कारोबार होता है। इसमें फिजिकल गोल्ड-सिल्वर खरीदे बिना कीमती धातुओं में निवेश किया जा सकता है।
गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में म्यूचुअल फंड के जरिए भी निवेश किया जा सकता है। सोने में निवेश भौतिक रूप से मूल्यवान धातु खरीदकर, ईटीएफ, वायदा एवं विकल्प या फिर म्यूचुअल फंड के जरिए किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रत्येक विकल्प के अपने फायदे और नुकसान हैं, इसलिए निवेशकों के लिए ये आकलन करना महत्वपूर्ण है कि उनके लक्ष्यों के लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा बेहतर है। भौतिक रूप से मूल्यवान धातु खरीदने के फायदे-नुकसान के बारे में पूछे जाने पर कलंत्री ने कहा, ‘‘अगर आप फिजिकल गोल्ड-सिल्वर को महत्व देते हैं तो सिक्के/बिस्कुट बेहतर हैं।
उन्होंने बताया कि फिजिकल गोल्ड-सिल्वर प्रत्यक्ष स्वामित्व प्रदान करते हैं और मूल्य के एक मजबूत भंडार के रूप में काम करते हैं, लेकिन इसमें रखरखाव, बीमा लागत और कम तरलता यानी भुनाने की समस्या शामिल होती है। वायदा एवं विकल्प कारोबार के जरिए निवेश के बारे में कलंत्री ने कहा, ‘‘ये उन अनुभवी निवेशकों के लिए उपयुक्त हैं जो अल्पकालिक अवसरों की तलाश में हैं या जोखिम को कम करने के लिए ‘हेजिंग’ करना चाहते हैं, लेकिन ये बहुत ज्यादा रिस्की होते हैं।’’ डिजिटल गोल्ड को लेकर उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल गोल्ड मुख्य रूप से सुविधाजनक होने, कम निवेश राशि, खरीदने और बेचने में आसानी के लिए लोकप्रिय हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, डिजिटल गोल्ड सेबी द्वारा विनियमित उत्पाद नहीं है। ये आमतौर पर प्राइवेट प्लेटफॉर्म द्वारा पेश किया जाता है, जहां सोना थर्ड-पार्टी वॉल्ट मैनेजरों के पास रखा होता है, जिसमें रिस्क जुड़े होते हैं। नियामकीय जोखिमों को देखते हुए, हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे केवल सेबी द्वारा विनियमित उत्पादों के जरिए ही सोना या चांदी में निवेश करें।’’
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