1. Hindi News
  2. धर्म
  3. Jutha Khana: किसी का जूठा भोजन खाने से क्या होता है? जानें धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण और ऊर्जा के रहस्य

Jutha Khana: किसी का जूठा भोजन खाने से क्या होता है? जानें धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण और ऊर्जा के रहस्य

 Written By: Arti Azad @Azadkeekalamse
 Published : Mar 28, 2026 09:03 am IST,  Updated : Mar 28, 2026 09:03 am IST

भोजन केवल शरीर को पोषण नहीं देता, बल्कि इसमें ऊर्जा और भावनाएं भी समाहित होती हैं। इस वजह से यह समझना महत्वपूर्ण है कि कौन सा भोजन ग्रहण करना लाभकारी है,खासकर जूठे खाने को लेकर। आइए जानते हैं किसी का जूठा भोजन करना चाहिए या नहीं।

jutha khana जूठा भोजन खाने से क्या होता है- India TV Hindi
जूठा भोजन खाने से क्या होता है Image Source : FREEPIK

हमारे धर्म और ज्योतिष शास्त्रों में भोजन को केवल शरीर का पोषण नहीं, बल्कि ऊर्जा और आध्यात्मिक विकास का माध्यम माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि जिस भोजन का हम सेवन करते हैं, वह हमारी ऊर्जा, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर असर डालता है। हिंदू धर्म में जूठा या बचा हुआ भोजन अशुद्ध माना जाता है। ऐसे में एक बड़ा सवाल ये उठता है कि जूठा भोजन खाने से क्या होता है और क्या किसी का जूठा खा सकते हैं? जानिए इसको लेकर शास्त्र में क्या कहा गया है? 

ऊर्जा का आदान-प्रदान

ज्योतिष के अनुसार, हर व्यक्ति अपनी ऊर्जा का संचार करता है। जब हम किसी का बचा हुआ भोजन खाते हैं, तो वह भोजन अपनी मूल ऊर्जा को खो देता है। इसका सीधा असर हमारे शरीर और मस्तिष्क पर पड़ता है। ऐसे भोजन से हमारी ऊर्जा बढ़ने की बजाय घटने लगती है और कई बार शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं।

विचारों पर असर

किसी का जूठा भोजन यानी बचा हुआ खाना खाने से न केवल स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक स्तर पर भी प्रभाव पड़ता है। जूठा भोजन लेने से हमारे मन में भी नकारात्मक विचार उत्पन्न हो सकते हैं। यदि वह व्यक्ति जिसकी प्लेट से भोजन लिया गया है, नकारात्मक विचारों वाला या अस्वच्छ व्यवहार वाला हो, तो उसका असर हमारे सोच और भावनाओं पर पड़ता है। इस वजह से हमेशा साफ और सकारात्मक ऊर्जा वाले भोजन को ही प्राथमिकता देना चाहिए।

दूसरों की ऊर्जा प्रभावित होती है

किसी का जूठा भोजन खाकर हम अनजाने में उसकी ऊर्जा और कर्म को अपने अंदर ले लेते हैं। अगर उस व्यक्ति के कर्म नकारात्मक हैं, तो उसका असर हमारे जीवन पर भी पड़ सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि भोजन किसके द्वारा खाया गया था और उसका व्यवहार कैसा है।

स्वास्थ्य संबंधी नुकसान

स्वास्थ्य की दृष्टि से भी किसी का जूठा खाना नुकसानदेह हो सकता है। इसमें बैक्टीरिया और वायरस हो सकते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ता है। भले ही भोजन साफ दिखे, फिर भी यह आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।

आध्यात्मिक दृष्टिकोण

भोजन केवल भौतिक पोषण नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा और आशीर्वाद का माध्यम भी है। किसी का जूठा भोजन लेने से यह पवित्र आदान-प्रदान बाधित होता है और भोजन में निहित सकारात्मक ऊर्जा का लाभ हमें नहीं मिलता।

पति-पत्नी का जूठा खाने को लेकर धार्मिक दृष्टिकोण

हिंदू धर्म ग्रंथों में पति-पत्नी के बीच जूठा भोजन को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं।

  • मनुस्मृति के अनुसार, पति-पत्नी का आपस में भोजन साझा करना उनके रिश्ते और विश्वास को मजबूत करता है।
  • भट्ट धर्म ग्रंथ में इसे स्नेह और सहमति का प्रतीक माना गया है।
  • विष्णु और भागवत पुराण के अनुसार, अगर पति-पत्नी के बीच प्रेम और सहमति है, तो वे एक-दूसरे का जूठा भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

ये भी पढ़ें:  Main Door Vastu: दक्षिण दिशा में मुख्य दरवाजा है तो घबराएं नहीं, दोष दूर करने के लिए अपनाएं ये वास्तु नियम

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। धर्म से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।