गोल्ड ईटीएफ में निवेश का आंकड़ा पहली बार इक्विटी म्यूचुअल फंड्स को पीछे छोड़ दिया। जनवरी में सोने की कीमतें ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के टॉप लेवल तक चली गई थीं।
अगर आप स्थिरता चाहते हैं तो गोल्ड ETF में निवेश कर सकते हैं। अगर आप हाई रिटर्न और रिस्क ले सकते हैं तो सिल्वर ETF में पैसा लगा सकते हैं। सलाह है कि कुल पोर्टफोलियो का 5–10% इनमें रखें, और SIP/लंपसम के जरिए निवेश करें।
एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की जानकारी दी। इसका मुख्य कारण निश्चित आय वाली योजनाओं से भारी मात्रा में निकासी थी।
आज के समय में सोने-चांदी में निवेश के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। आप चाहें तो सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, ब्रिक/बार/बिस्कुट में निवेश कर सकते हैं या फिर डिजिटल गोल्ड या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में भी पैसा लगा सकते हैं।
सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं। हालांकि, चांदी की औद्योगिक मांग भी बहुत ज्यादा है और सोना, चांदी की तुलना में कम अस्थिरता के साथ बेहतर पूंजी संरक्षण प्रदान करता है।
सोने की कीमतों में अभी हाल ही में 250-300 डॉलर की तेजी मुख्य रूप से अमेरिकी सरकार के मौजूदा बंद को लेकर चिंताओं के बीच सुरक्षित निवेश में बढ़ी खरीदारी के कारण आई है।
जनवरी 2025 में, गोल्ड ईटीएफ ने सबसे अधिक निवेश आया। गोल्ड ईटीएफ के प्रबंधन के तहत शुद्ध संपत्ति में जनवरी में 16.24% की वृद्धि देखी गई, जो दिसंबर में ₹44,595.60 करोड़ से बढ़कर 51,839.39 करोड़ रुपये हो गई।
अगर आपने अब तक निवेश की शुरुआत नहीं की है तो अक्षय तृतीया के शुभ मौके पर आप शुरू कर सकते हैं। यह आपकी आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में काफी मददगार साबित होंगे।
आज के समय में तो आप चाहें तो डिजिटल गोल्ड भी खरीद सकते हैं। कई पेमेंट ऐप का इस्तेमाल कर ऐसा किया जा सकता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिये भी सोने में निवेश कर सकते हैं। सरकार इस स्कीम को लेकर आती है।
गोल्ड ईटीएफ एक एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है जिसका मकसद घरों में रखे भौतिक सोने की कीमत को ट्रैक करना है। गोल्ड ईटीएफ में किया गया निवेश सोने की कीमतों पर आधारित होते हैं।
Gold ETF: देश में सोने की बढ़ती कीमतों के बीच लोगों में खरीदारी का ट्रेंड भी बदल रहा है। पारंपरिक रूप से भारतीय सोने को ज्वैलरी के रूप में खरीदते थे। लेकिन अब लोग सोने को निवेश के रूप में खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं।
गोल्ड ईटीएफ में लगातार निवेश से यह संकेत मिलता है कि सोने में निवेश के लिए इसकी स्वीकार्यता निरंतर बढ़ रही है।
जानकारों के मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से निवेशक निवेश के सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) से निवेशकों का लगातार मोहभंग होता जा रहा है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में गोल्ड ईटीएफ से 150 करोड़ रुपए की निकासी की गई। निवेशकों के लिए शेयर बाजार पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।
उत्तरी कोरिया और अमेरिका के बीच तनाव ने सोने की निवेश मांग को बढ़ा दिया है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट की वजह से भी सोने का भाव मजबूत हो रहा है
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड कोषों (ईटीएफ) को लेकर निवेशकों का आकर्षण कम हुआ है। अप्रैल में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ से 66 करोड़ रुपए की निकासी की है।
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