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नीचे से गुजरेंगी गाड़ियां, ऊपर से जंगली जानवर! NHAI का अनोखा कारनामा, जंगल के बीच से गुजरेगा भारत का सबसे आधुनिक हाईवे

 Edited By: Shivendra Singh
 Published : Feb 12, 2026 07:51 am IST,  Updated : Feb 12, 2026 07:51 am IST

भारत में सड़क निर्माण अब सिर्फ रफ्तार बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है। चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर महिमंडलम रिजर्व फॉरेस्ट के बीच एक खास एनिमल ओवरपास बनाया जा रहा है, जहां नीचे से गाड़ियां गुजरेंगी और ऊपर से जंगली जानवर सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे।

चेन्नई-बेंगलुरु...- India TV Hindi
चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर बना जानवरों के लिए पुल Image Source : POSTED ON FB BY @OFFICIAL.NHAI

तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर के दौर में जहां सड़कों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं अब विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की अनूठी पहल भी देखने को मिल रही है। चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे पर बनने जा रहा एक खास एनिमल ओवरपास इसकी मिसाल है। इस ओवरपास के जरिए नीचे से वाहन गुजरेंगे और ऊपर से जंगली जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकेंगे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बताया है कि महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट के अंदर एक खास पुल बनाया जाएगा, ताकि जंगली जानवर सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें।

क्या होता है वाइल्डलाइफ ओवरपास?

वाइल्डलाइफ ओवरपास एक विशेष पुल होता है, जिसे व्यस्त हाईवे के ऊपर इस तरह बनाया जाता है कि जंगली जानवर बिना किसी खतरे के सड़क पार कर सकें। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आती है और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम भी घटता है। वेल्लोर और रानीपेट के बीच स्थित महिमांडलम रिजर्व फॉरेस्ट भारतीय गौर, पैंथर, जंगली सूअर और हिरण जैसे कई महत्वपूर्ण वन्यजीवों का घर है। ऐसे में यहां इस ओवरपास का निर्माण बेहद अहम कदम माना जा रहा है।

90 मीटर लंबा, 25 मीटर चौड़ा होगा ओवरपास

NHAI के अनुसार, यह ओवरपास 90 मीटर लंबा, 25 मीटर चौड़ा और सड़क से करीब 5.5 मीटर ऊंचा होगा। इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि जानवरों को प्राकृतिक वातावरण जैसा एक्सपीरिएंस हो और वे बिना किसी डर के इसका इस्तेमाल कर सकें। यह कदम न सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि हाईवे पर यात्रियों के लिए भी सुरक्षित और सुगम यात्रा का रास्ता बनाएगा।

आर्टिफिशियल घास का मैदान भी होगा तैयार

ओवरपास को प्राकृतिक रूप देने के लिए तमिलनाडु वन विभाग के सहयोग से एक आर्टिफिशियल घास का मैदान भी विकसित किया जा रहा है। यह घास का क्षेत्र नेचुरल कैमोफ्लाज की तरह काम करेगा, जिससे यह संरचना आसपास के जंगल में घुल-मिल जाएगी और जानवर सहज महसूस करेंगे।

विकास और प्रकृति का संतुलन

करीब 258 किलोमीटर लंबा चार-लेन चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे देश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसकी आधारशिला मई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी।

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