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होर्मुज के झमेले से बाहर निकलने की तैयारी में UAE और सऊदी अरब, 1 अरब डॉलर के निवेश की योजना, EIL ने शुरू की बातचीत

 Written By: Sunil Chaurasia
 Published : Sep 19, 2026 05:01 pm IST,  Updated : Sep 19, 2026 05:01 pm IST

EIL के चेयरमैन गुप्ता ने कहा कि तनाव के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी तिमाही में ठेके मिलने की गति बढ़ सकती है।

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1 अरब डॉलर के निवेश की योजना Image Source : NIOC

पब्लिक सेक्टर की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL), सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ तेल और गैस से जुड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए शुरुआती स्तर पर बातचीत कर रही है। EIL की इस बातचीत का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में खाड़ी देशों की निर्भरता कम करने और अन्य विकल्प तलाशना है। बताते चलें कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर आवाजाही बुरी तरह से प्रभावित हुई है। 

1 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं सऊदी अरब और यूएई

EIL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गुप्ता ने कंपनी की AGM के बाद कहा कि सऊदी अरब और यूएई दूसरे रास्तों से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए करीब 1 अरब डॉलर के निवेश की योजना बना रहे हैं। इसके तहत पाइपलाइन, स्टोरेज सुविधाएं, तेल टर्मिनल और अन्य इंफ्रा विकसित किए जा सकेंगे। 

ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से प्रभावित हुई जहाजों की आवाजाही

अतुल गुप्ता ने कहा, ''वे अभी प्लानिंग बनाने के चरण में हैं और हम भी इसी स्तर पर उनसे बातचीत कर रहे हैं।'' इंजीनियर्स इंडिया इन प्रोजेक्ट्स के लिए परियोजना परामर्श और व्यवहार्यता अध्ययन से जुड़े काम हासिल करने की कोशिश कर रही है। ईरान-अमेरिका संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ये रास्ता दुनिया के प्रमुख एनर्जी ट्रांसपोर्ट रूट में शामिल है। लंबे समय तक किसी तरह की बाधा की आशंका के बीच खाड़ी के तेल उत्पादक देश वैकल्पिक अवसंरचना और निर्यात मार्ग विकसित करने पर विचार कर रहे हैं। 

तनाव के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार पड़ी धीमी

EIL के चेयरमैन गुप्ता ने कहा कि तनाव के बाद क्षेत्र से नए ठेके मिलने की रफ्तार फिलहाल धीमी हुई है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि तीसरी और चौथी तिमाही में ठेके मिलने की गति बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों ने कंपनी के लिए नए मौके भी पैदा किए हैं। ईआईएल के लिए पश्चिम एशिया में ऑर्डर में आई सुस्ती महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी के विकास में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की भूमिका लगातार बढ़ रही है। 

इंजीनियर्स इंडिया की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत

इंजीनियर्स इंडिया की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी करीब 43 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को मिले नए बिजनेस में अंतरराष्ट्रीय परामर्श सेवाओं का योगदान करीब 4,929 करोड़ रुपये, यानी लगभग 62 प्रतिशत रहा। ईआईएल की पश्चिम एशिया में मजबूत मौजूदगी है। कंपनी सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और कुवैत में विभिन्न परियोजनाओं और कारोबारी गतिविधियों से जुड़ी है। उसने सऊदी अरब में अपना दफ्तर भी खोला है। 

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